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Binance से ₹56 हजार करोड़ की क्रिप्टो चोरी! FBI ने उत्तर कोरियाई हैकिंग ग्रुप को ठहराया जिम्मेदार

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर करीब 6.3 अरब डॉलर की साइबर चोरी से हड़कंप मच गया। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उत्तर कोरिया से जुड़े TraderTraitor समूह को जिम्मेदार बताया है। Binance का दावा है कि उसने प्रभावित संपत्तियों का लगभग 95% हिस्सा बदलकर या पुनः प्राप्त कर लिया है और ग्राहकों की निकासी सेवाएं फिर शुरू कर दी हैं।

Binance से ₹56 हजार करोड़ की क्रिप्टो चोरी! FBI ने उत्तर कोरियाई हैकिंग ग्रुप को ठहराया जिम्मेदार
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनियों में शामिल Binance को एक बड़े साइबर हमले का सामना करना पड़ा है। अक्टूबर 2026 के आखिरी दिनों में हैकर्स ने कंपनी के लेनदेन में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल वॉलेट से लगभग 6.3 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी मोटे तौर पर ₹56 हजार करोड़ के बराबर क्रिप्टो संपत्तियां निकाल लीं।

यह घटना क्रिप्टोकरेंसी उद्योग के इतिहास की सबसे बड़ी ज्ञात चोरियों में गिनी जा रही है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 31 अक्टूबर को इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़े हैकिंग समूह TraderTraitor का हाथ होने की बात कही।

महज 20 मिनट में अरबों डॉलर की चोरी
समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार, ब्लॉकचेन रिकॉर्ड बताते हैं कि हमले का बड़ा हिस्सा 29 अक्टूबर 2026 को लगभग 20 मिनट के भीतर अंजाम दिया गया।

हैकर्स ने Binance के उन डिजिटल वॉलेट को निशाना बनाया जिनका इस्तेमाल क्रिप्टो लेनदेन के लिए किया जाता है। अमेरिकी ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनी TRM Labs के मुताबिक, हमलावरों ने लेनदेन को अधिकृत करने वाली तकनीकी व्यवस्था, जिसे साइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कहा जाता है, को प्रभावित किया।

इसके बाद डिजिटल संपत्तियां अलग-अलग वॉलेट में स्थानांतरित कर दी गईं। इस तरह की चोरी में धन को कई ब्लॉकचेन नेटवर्क और डिजिटल पते पर भेजना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन जाता है।

FBI ने TraderTraitor समूह का नाम लिया
अमेरिका की Federal Bureau of Investigation (FBI) ने साइबर अलर्ट जारी कर कहा कि इस चोरी के लिए उत्तर कोरिया से जुड़ा TraderTraitor समूह जिम्मेदार है।

FBI के अनुसार, हमलावर चोरी की गई क्रिप्टो संपत्तियों को मुख्य रूप से Ethereum में बदलते पाए गए। एजेंसी ने आशंका जताई कि इन संपत्तियों को आगे अलग-अलग डिजिटल सेवाओं के माध्यम से स्थानांतरित करके उनका स्रोत छिपाने की कोशिश की जा सकती है।

अमेरिकी एजेंसियों ने क्रिप्टो एक्सचेंजों और ब्लॉकचेन कंपनियों से संदिग्ध डिजिटल वॉलेट पतों पर नजर रखने और संबंधित लेनदेन रोकने में सहयोग करने को कहा है।

उत्तर कोरिया पर आरोप, लेकिन जांच के पहलू अभी बाकी
TRM Labs और अन्य ब्लॉकचेन विश्लेषकों ने भी इस हमले में उत्तर कोरियाई हैकर्स की संलिप्तता का आकलन किया है।

हालांकि, उत्तर कोरिया लंबे समय से सरकारी समर्थन वाले साइबर हमलों और डिजिटल चोरी के आरोपों से इनकार करता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी 31 अक्टूबर को कहा था कि उत्तर कोरिया की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

इसलिए FBI की जिम्मेदारी तय करने संबंधी घोषणा और स्वतंत्र रूप से सभी तथ्यों का अंतिम सत्यापन दो अलग बातें हैं।

कर्मचारी के लैपटॉप से शुरू हुई सेंधमारी?
Binance के सह-CEO Richard Teng ने बताया कि हमले में एक कर्मचारी का लैपटॉप प्रभावित होने और गतिविधियों के सबूत मिटाने के लिए इस्तेमाल किए गए मैलवेयर के संकेत मिले हैं।

शुरुआती जांच में कंपनी ने लैपटॉप से जुड़े सुरक्षा उल्लंघन की आशंका जताई थी। बाद में अतिरिक्त तकनीकी कमजोरियां भी सामने आने की बात कही गई।

यह मामला दिखाता है कि बड़ी क्रिप्टो कंपनियों के लिए सिर्फ डिजिटल वॉलेट की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों के उपकरण, लेनदेन को मंजूरी देने वाली प्रणाली और आंतरिक सुरक्षा नियंत्रण भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

करीब 3 अरब डॉलर की संपत्तियों का पता लगाया गया
हमले के बाद Binance ने अन्य क्रिप्टो कंपनियों, स्टेबलकॉइन जारी करने वाली संस्थाओं और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर चोरी की गई संपत्तियों को रोकने की कोशिश शुरू की।

30 अक्टूबर तक लगभग 3 अरब डॉलर की प्रभावित डिजिटल संपत्तियों का पता लगाने की जानकारी सामने आई थी। कुछ स्टेबलकॉइन जारीकर्ताओं ने अपने नियंत्रण वाली संपत्तियों को फ्रीज भी किया।

हालांकि, संपत्ति फ्रीज होना और उसकी वास्तविक वापसी होना एक जैसी बात नहीं है। बिटकॉइन और ईथर जैसी संपत्तियों को केंद्रीय जारीकर्ता के स्तर पर फ्रीज करना संभव नहीं होता, जिससे उनकी बरामदगी कठिन हो सकती है।

Binance का दावा: 95% नुकसान की भरपाई
Binance ने कहा है कि वह चोरी का वित्तीय बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना चाहती।

कंपनी के अनुसार, प्रभावित डिजिटल संपत्तियों का लगभग 95% हिस्सा बदलकर या पुनः प्राप्त कर लिया गया है। इसके लिए कंपनी ने अपने कॉर्पोरेट फंड, बीमा व्यवस्था और Secure Asset Fund for Users (SAFU) का इस्तेमाल किया।

कंपनी ने अपने सुरक्षा कोष को दोबारा लगभग 1 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी जताई है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि कंपनी द्वारा अपने संसाधनों से संपत्तियों की भरपाई करने का अर्थ यह नहीं है कि चोरी की गई सारी क्रिप्टोकरेंसी हैकर्स से वापस मिल गई है।

निकासी शुरू होते ही ग्राहकों ने निकाले अरबों डॉलर
हमले के बाद Binance ने कुछ समय के लिए निकासी सेवाएं रोक दी थीं। 1 नवंबर 2026 को कंपनी ने चरणबद्ध तरीके से निकासी दोबारा शुरू की।

Reuters के अनुसार, सेवाएं बहाल होने के बाद ग्राहकों ने लगभग 3.64 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की। कंपनी ने कहा कि शुरुआती तेजी के बाद निकासी की स्थिति स्थिर होने लगी और जमा होने वाली रकम भी पर्याप्त बनी रही।

इस घटना ने क्रिप्टो बाजार में सुरक्षा, ग्राहक विश्वास और बड़ी एक्सचेंज कंपनियों के जोखिम प्रबंधन को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं।

अब आगे क्या होगा?
अमेरिकी जांच एजेंसियां चोरी की गई संपत्तियों के डिजिटल रास्तों की निगरानी कर रही हैं। Binance को भी अपने सुरक्षा ढांचे की समीक्षा, प्रभावित प्रणालियों की जांच और शेष संपत्तियों की भरपाई की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इस मामले के आगे बढ़ने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितनी चोरी की गई संपत्तियां वास्तव में वापस मिलती हैं और भविष्य में ऐसी बड़ी घटनाओं को रोकने के लिए क्रिप्टो उद्योग क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाता है।