वाराणसी में इस साल देव दीपावली को और भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार 24 नवंबर को होने वाले इस पर्व को ऐतिहासिक रूप देने में जुटी है।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार के अनुसार, गंगा घाटों को इस बार 11 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों से सजाया जाएगा। इनमें करीब 1 लाख दीये गोबर से बनाए जाएंगे, जिससे आस्था और परंपरा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा सके।
प्रांतीय मेले का दर्जा, शहरभर में रोशनी
देव दीपावली को प्रांतीय मेला घोषित किया गया है। सरकारी इंतजामों और जनभागीदारी से इस बार इसका आयोजन और बड़े स्तर पर होगा।
गंगा घाटों के अलावा शहर के तालाबों और कुंडों को भी लाखों दीयों से रोशन किया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा पर वाराणसी के अर्धचंद्राकार घाट दीयों की रोशनी में जगमगाएंगे।
इन दीयों की परछाई गंगा के जल में झिलमिलाएगी। यह नजारा शहर की भक्ति, आध्यात्मिकता और सामुदायिक सहभागिता की झलक पेश करेगा।
घाटों की सफाई और विशेष लाइटिंग
गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक घाटों की विशेष सफाई की जाएगी। इन्हें फसाड लाइटिंग और इलेक्ट्रिक रोशनी से सजाया जाएगा, ताकि काशी की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत उभरकर सामने आए।
राज्य सरकार ने इस मौके पर लेज़र शो और हरित आतिशबाजी का भी प्रस्ताव रखा है।
पहले होगा गंगा महोत्सव
देव दीपावली से पहले 20 से 23 नवंबर तक गंगा महोत्सव का आयोजन होगा। उसके बाद 24 नवंबर को देव दीपावली मनाई जाएगी।
दोनों आयोजन वाराणसी की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से गहराई से जुड़े हैं। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इनमें शामिल होने आते हैं।