अमेरिका से एथेनॉल आयात की खबरों पर सरकार का स्पष्टीकरण, कहा—ईंधन मिश्रण नीति में बदलाव की कोई योजना नहीं
भारत सरकार ने अमेरिका से बड़े पैमाने पर एथेनॉल आयात किए जाने और पेट्रोल में मिश्रण के लिए भविष्य में इसकी खरीद की योजना से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में ईंधन मिश्रण के लिए अमेरिकी एथेनॉल के आयात को लेकर न तो कोई विशेष छूट दी गई है और न ही ऐसी कोई प्रतिबद्धता की गई है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की ओर से 6 अगस्त 2026 को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन-ग्रेड एथेनॉल घरेलू उत्पादकों से प्राप्त किया जाता है। सरकार के अनुसार, अमेरिका से ईंधन मिश्रण के लिए एथेनॉल आयात किए जाने की खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में क्या हुआ?
सरकार ने उन दावों को भ्रामक बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि व्यापार समझौते के तहत भारत अमेरिकी एथेनॉल के लिए बड़ा बाजार खोल सकता है। मंत्रालय के मुताबिक, इस संबंध में कोई रियायत या आयात प्रतिबद्धता तय नहीं हुई है। साथ ही, ऐसी किसी नीति में बदलाव की घोषणा भी नहीं की गई है।
घरेलू एथेनॉल उत्पादकों को क्या फायदा?
भारत का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से चलाया जाता है। इस व्यवस्था से जुड़े उत्पादन और खरीद के फैसले भारतीय नीतियों के तहत किए जाते हैं। सरकार की स्थिति स्पष्ट होने से घरेलू एथेनॉल उत्पादकों के लिए मौजूदा नीति व्यवस्था में किसी तत्काल बदलाव का संकेत नहीं मिलता।
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का उद्देश्य क्या है?
एथेनॉल एक जैव ईंधन है, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल के साथ मिश्रण करके किया जाता है। भारत इस कार्यक्रम के माध्यम से पेट्रोलियम आयात पर खर्च कम करने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और किसानों तथा घरेलू उद्योग को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास करता है।
निष्कर्ष: सरकार ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका से ईंधन मिश्रण के लिए एथेनॉल आयात करने की कोई नई प्रतिबद्धता नहीं की गई है। फिलहाल इस कार्यक्रम का संचालन भारत की घरेलू नीतियों और खरीद व्यवस्था के अनुसार ही होगा।