वाराणसी के गंगा घाटों के ऊपर जल्द ही भारतीय वायुसेना अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। घाटों पर 1:30 घंटे का एयर शो आयोजित होगा, जिसमें राफेल समेत कुल 90 फाइटर जेट हिस्सा लेंगे।
इस दौरान दर्शकों को वायुसेना के पायलटों की बेहतरीन उड़ान कला देखने को मिलेगी। कम ऊंचाई से तेज गति में गुजरते विमान से लेकर आसमान में तिरंगा बनाने तक, कई करतब दिखाए जाएंगे।
शो में कौन-कौन से करतब होंगे शामिल
एयर शो की शुरुआत लो-लेवल फ्लाईपास्ट से होगी, जिसमें विमान दर्शकों के सामने कम ऊंचाई पर तेज गति से गुजरेंगे। इसके बाद वर्टिकल क्लाइंब में विमान तेजी से ऊपर उठते दिखेंगे।
पायलट टाइट टर्न में बेहद कम समय में दिशा बदलेंगे। बैरल रोल में विमान अपनी धुरी के चारों ओर घूमते हुए आगे बढ़ेगा, जबकि लूप में विमान ऊपर जाकर गोलाकार चक्कर पूरा करेगा।
डाइव और पुल-आउट के तहत विमान तेजी से नीचे आएगा और फिर अचानक ऊपर उठेगा। फॉर्मेशन फ्लाइंग में कई विमान बेहद कम अंतर रखते हुए एक तय आकृति में उड़ेंगे, और फॉर्मेशन ब्रेक में अचानक अलग-अलग दिशाओं में फैल जाएंगे।
क्रॉसिंग मैन्युवर में दो या अधिक विमान एक-दूसरे के बेहद करीब से अलग दिशाओं में गुजरते दिखेंगे। सिंक्रोनाइज्ड मैन्युवर में कई विमान एक साथ अलग-अलग दिशा में करतब दिखाएंगे।
तिरंगा और विशेष फॉर्मेशन बनेंगे आकर्षण
एरोबेटिक टीम विमान से धुएं की लकीर छोड़ते हुए आसमान में आकृतियां बनाएगी। एक विमान सोलो एरोबेटिक्स में तेज रोल, टर्न, क्लाइंब और डाइव का प्रदर्शन करेगा।
विमान केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं छोड़कर आसमान में भारत का तिरंगा बनाएंगे। सूर्यकिरण और सारंग जैसी टीमें गगनयान, डायमंड, फाल्क्रम और अपोलो जैसी सटीक आकृतियां तैयार करेंगी।
इनवर्टेड फ्लाइंग में पायलट विमान को उल्टा करके उड़ान भरेंगे। इसके अलावा डीएनए मैन्युवर में विमान आसमान में डीएनए की संरचना जैसी रोमांचक चाल पेश करेंगे।
जिलाधिकारी ने बताई तैयारियों की स्थिति
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गंगा घाट किनारे एयर शो की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा, "अभी साफ-सफाई के अलावा समतलीकरण और बैरिकेडिंग का काम चल रहा है।"
उन्होंने यह भी बताया कि गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, जिससे काम में मदद मिल रही है। जिलाधिकारी के अनुसार आने वाले दिनों में सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी।