Skip to content
24/7 News Uttar Pradesh
Breaking

वाराणसी: ढेरही टोल प्लाजा पर पेट्रोल लेकर पहुंचे किसान नेता अजीत सिंह, हिरासत में लिए गए

पुलिस को चकमा देकर रोडवेज बस से टोल प्लाजा पहुंचे किसान नेता ने खुद पर पेट्रोल डाला, लाइटर छीनकर पुलिस ने रोका

वाराणसी के ढेरही टोल प्लाजा पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनावपूर्ण स्थिति
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

वाराणसी के चोलापुर स्थित ढेरही टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ। पुर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह कड़ी पुलिस घेराबंदी के बीच पेट्रोल की बोतल और तिरंगा लेकर टोल प्लाजा पर पहुंच गए। 

पुलिस के मुताबिक अजीत सिंह ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत उनसे पेट्रोल की बोतल और लाइटर छीन लिया।

रात से ही कड़ी थी सुरक्षा

प्रशासन ने मंगलवार रात से ही चोलापुर से जौनपुर सीमा तक भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी थी। धरना स्थल की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने लोगों को रोक दिया था।

कई लोगों को रात से ही नजरबंद रखा गया। जौनपुर की तरफ से आने वाले लोगों को भी जिला सीमा पर ही रोक दिया गया।

चकमा देकर पहुंचे अजीत सिंह

इतनी सख्ती के बावजूद बुधवार दोपहर करीब एक बजे अजीत सिंह अपने साथियों के साथ वाराणसी की तरफ से रोडवेज बस में सवार होकर टोल प्लाजा तक पहुंच गए। तीनों हाथों में तिरंगा लेकर 'रोड नहीं तो टोल नहीं' के नारे लगाते हुए धरना स्थल की ओर बढ़े।

उनके अचानक पहुंचने से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां जुट गए।

अजीत सिंह का आरोप है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क निर्माण के लिए किसानों की जमीन ली, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। यही टोल वसूली और जमीन अधिग्रहण का मुद्दा प्रदर्शन की मुख्य वजह बताया जा रहा है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, तीन हिरासत में

अजीत सिंह के समर्थन में जुटी भीड़ के कारण कुछ देर के लिए मौके पर गहमागहमी की स्थिति बन गई। इसे देखते हुए कई थानों की पुलिस और पीएसी ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।

पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करते हुए अजीत सिंह समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। इन्हें वज्र वाहन से थाने ले जाया गया।

अजगरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक त्रिभुवन राम ने प्रदर्शन को लेकर बयान दिया है। जिला प्रशासन के अधिकारी घटना के बाद से धरना स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का लगातार जायजा ले रहे हैं। पुलिस को चकमा देकर अजीत सिंह के टोल प्लाजा पहुंचने की घटना बुधवार को पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।