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वाराणसी MLC चुनाव: पहले दिन 14 ने लिए पर्चे, नामांकन शून्य

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मंडलायुक्त परिसर में नामांकन प्रक्रिया शुरू, छह अक्तूबर तक भरे जाएंगे पर्चे

वाराणसी में MLC चुनाव के लिए नामांकन कार्यालय के बाहर दावेदारों की कतार

वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य चुनने के लिए मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। मंडलायुक्त परिसर स्थित अपर आयुक्त (प्रथम) न्यायालय में पहले दिन किसी ने भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।

केवल 14 लोगों ने ट्रेजरी चालान जमा कर पर्चे लिए। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नौ और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए पांच लोग शामिल रहे।

रिटर्निंग अधिकारी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने नामांकन स्थल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से चर्चा की।

सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक दावेदारों की आवाजाही लगी रही। कमिश्नरी परिसर के मुख्य द्वार पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। हर व्यक्ति को कड़ी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया गया। ज्यादातर लोग पहले दिन नामांकन से जुड़ी जानकारी लेने में ही व्यस्त रहे। कुल मिलाकर स्नातक सीट के लिए 18 और शिक्षक सीट के लिए आठ चालान बिके। नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि छह अक्तूबर तय है।

भाजपा के दोनों प्रत्याशी अनुभवी चेहरे

शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र शिक्षक राजनीति से जुड़े रहे हैं और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के लंबे समय से सदस्य हैं। वह वर्तमान में कमलाकर चौबे आदर्श इंटर कॉलेज, ईश्वरगंगी में अंग्रेजी प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं।

मिश्र 2007 के उपचुनाव में शिक्षक एमएलसी चुने गए थे, लेकिन 2008, 2014 और 2020 के चुनावों में उन्हें हार मिली। पिंडरा क्षेत्र के अमौत निवासी मिश्र स्वर्गीय कामता प्रसाद मिश्र के बेटे हैं, जो पिंडरा ब्लॉक के तीन बार प्रमुख रह चुके हैं। भूगोल विषय से पीएचडी मिश्र ने तीन वर्ष तक तपस्वी महाराज इंटर कॉलेज में वित्तविहीन व्यवस्था में पढ़ाया।

स्नातक सीट से भाजपा ने केदारनाथ सिंह को फिर मैदान में उतारा है, जो इस सीट से तीन बार जीत चुके हैं। उन्होंने पहली बार 2004 में तत्कालीन सदस्य डॉ. राजेश कुमार मिश्र के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2008 में वह फिर निर्वाचित हुए।

2014 के चुनाव में सिंह ने 31,752 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. अवधेश सिंह को 16,110 मत मिले थे। उस चुनाव में 31 प्रत्याशी मैदान में थे। हालांकि 2020 में समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा ने उन्हें हराकर उनकी जीत का सिलसिला तोड़ दिया था।

कब भरेंगे किसका पर्चा

भाजपा के शिक्षक प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तीन अक्तूबर को रामाश्रय वाटिका से जुलूस निकालकर नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। स्नातक प्रत्याशी केदारनाथ सिंह पांच अक्तूबर को गौतम उपवन खजुरी से जुलूस के साथ पहुंचेंगे।

सपा के शिक्षक उम्मीदवार लालबिहारी यादव भी पांच अक्तूबर को पर्चा भरेंगे, जबकि स्नातक उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा छह अक्तूबर को भारत माता मंदिर से जुलूस निकालकर नामांकन दाखिल करेंगे।

ईवीएम सुरक्षा की समीक्षा

वाराणसी डीएम सत्येन्द्र कुमार ने मंगलवार को ईवीएम वेयर हाउस सदर का त्रैमासिक निरीक्षण किया। उन्होंने मशीनों के रख-रखाव, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच की।

डीएम ने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के मानकों का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण के दौरान भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा, आम आदमी पार्टी और अपना दल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।