आगरा में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर 1100 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद खुले नालों और जर्जर सड़कों को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी ने नगर निगम में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नगरायुक्त से सीधा जवाब मांगा।
'पूछता है आगरा' अभियान के तहत सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में सैंकड़ों कार्यकर्ता नगर निगम पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के सामने बैठकर सवाल दागे।
जवाब न मिलने पर भड़के कार्यकर्ता
जब कार्यकर्ताओं को संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार फैले होने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने शहर की बदहाली के लिए निगम प्रशासन को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
सपा नेताओं ने पहले सौंपे गए 15 सूत्रीय ज्ञापन पर अब तक कोई कार्रवाई न होने पर रोष जताया। नगरायुक्त से बातचीत के दौरान जर्जर सड़कों, जलभराव और खुले नालों में हुई मौतों का मुद्दा छाया रहा।
1100 करोड़ के काम की जांच की मांग
कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत खर्च हुए 1100 करोड़ रुपये के कार्यों की जांच की मांग रखी। पेयजल संकट को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
सपा ने शहर को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग की। पार्टी ने खुले नालों की समस्या का तुरंत समाधान कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई।
15 दिन में काम पूरा करने का आश्वासन
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर निर्देश दिए। उन्होंने 15 दिन के भीतर जरूरी काम पूरे कराने की बात कही।
इस पर शब्बीर अब्बास ने चेतावनी दी कि 15 दिन बाद सपा कार्यकर्ता खुद जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव राहुल चतुर्वेदी, राम सहाय यादव और देवेंद्र यादव सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।