Skip to content
24/7 News Uttar Pradesh
Breaking

Jio IPO में हिस्सेदारी के लिए क्यों बढ़ी Investors की होड़? Akash Ambani के सामने Valuation की भी बड़ी चुनौती!

तीन हफ्ते की वैश्विक रोडशो में पाँच शहरों का दौरा, लेकिन कीमत को लेकर संदेह बरकरार है।

न्यू दिल्ली के भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2026 में आकाश अंबानी पोडियम पर भाषण दे रहे हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

आकाश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को शेयरहोल्डरों के लिए एक बड़ी ज़िम्मेदारी बताया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ तीन दशक में पहली बार सार्वजनिक बाजार में आने वाला है।

34 वर्षीय प्रबंध निदेशक ने भारतीय मोबाइल कांग्रेस 2026 में कहा, "मैं इसे शेयरहोल्डरों के लिए एक बड़ी ज़िम्मेदारी मानता हूँ।" उन्होंने जोड़ा कि यह एक नई यात्रा की शुरुआत है जिसके बाद शेयरहोल्डरों को वृद्धि और मूल्य देना होगा।

बड़ी राजस्व वृद्धि

जियो का राजस्व वित्त वर्ष 2026 में ₹1,46,885.3 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,28,218.4 करोड़ था। लाभ में ₹30,049.1 करोड़ की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल यह ₹26,109 करोड़ था।

कंपनी के पास अब 52.44 करोड़ ग्राहक हैं। अंबानी ने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक सस्ती कीमत पर सेवा पहुँचाना जियो की नीति बनी रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय दौरा पूरा

आकाश अंबानी ने चार हफ्ते में हांगकांग, सिंगापुर, अबू धाबी, लंदन और न्यूयॉर्क की यात्रा की। यह उनका पहला बड़ा कारोबार था जिसमें वे रिलायंस की तरफ से अकेले नेतृत्व कर रहे थे।

निवेशकों ने जियो की आईपीओ कीमत पर सवाल उठाए हैं। अंबानी की यह वैश्विक रोडशो इन्हीं शंकाओं को दूर करने के लिए की गई है।

बदलती भूमिकाएँ

मुकेश अंबानी के बेटे आकाश और उनकी बहन इशा तथा भाई अनंत धीरे-धीरे रिलायंस की कमान सँभाल रहे हैं। अब आकाश को जियो के लिए बाजार से पैसे जुटाने का काम करना है।

आईपीओ से मिलने वाले 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग जियो का कर्ज़ चुकाने में होगा।