बरेली के शीशगढ़ क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पंचायत बैठाकर समझौता कराए जाने का आरोप लगा है। पीड़िता और आरोपी युवक के बीच रोका-टीका की रस्म भी करा दी गई, और किशोरी के बालिग होने पर दोनों की शादी कराने का फैसला लिया गया।
मामला सामने आते ही क्षेत्र में इसे लेकर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों में पंचायत की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक साल से शोषण का आरोप
किशोरी की मां ने पुलिस को दी शिकायत में गांव के ही एक युवक पर आरोप लगाया है। आरोप है कि वह करीब एक साल से बेटी को डराता-धमकाता रहा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
परिजनों का कहना है कि युवक ने किशोरी की तस्वीरें भी खींच ली थीं। इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर वह लगातार शोषण करता रहा।
किशोरी के व्यवहार में बदलाव देखकर परिजनों ने उससे पूछताछ की। तभी पूरे मामले का खुलासा हुआ।
शिकायत के बाद मिलीं धमकियां
परिजनों का आरोप है कि आरोपी के परिवार से शिकायत करने पर उन्हें धमकाया गया। इसके बाद किशोरी के परिजन शीशगढ़ थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि पंचायत में दोनों पक्षों पर दबाव बनाकर समझौता कराया गया।
सोमवार को रोका-टीका की रस्म भी संपन्न करा दी गई। किशोरी के बालिग होने पर दोनों की शादी करने का निर्णय पंचायत में लिया गया।
वकील बोले, समझौते से नहीं मिलेगी कानूनी राहत
अधिवक्ता उमंग रावत ने कहा कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पंचायती समझौते से कानूनी कार्रवाई खत्म नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, "मामले में पंचायत या समझौते में शामिल लोगों की भूमिका सामने आने पर उनकी भी जांच हो सकती है।"
उन्होंने आगे कहा कि तथ्यों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने बताया प्रेम प्रसंग का मामला
शीशगढ़ थाना प्रभारी वीरेंद्र पाल ने इस मामले को प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया है। उनका कहना है कि थाने में फिलहाल इस संबंध में कोई नई तहरीर नहीं मिली है।
इंस्पेक्टर पाल ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होने की बात उन्होंने कही।