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नकली नोट बनाने वाले तीनों गिरफ़्तार, ₹15 खर्च कर बनाते थे 100 का नोट

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने इंस्टाग्राम रील्स से सीखे हुए इस गैरकानूनी कारोबार को 3 महीने में बंद किया।

ग्रेटर नोएडा में पुलिस द्वारा बरामद किए गए नकली नोट और उपकरण
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने सोमवार रात को सिरसा चौराहे पर नकली करेंसी के कारोबार को तोड़ा। ईकोटेक-1 थाना और SOG की टीम ने तीनों आरोपियों को स्कॉर्पियो वाहन से पकड़ा।

गिरफ़्तार किए गए तीनों आरोपी बंती अत्री (23), खुशदिल (21) और उपेंद्र कुमार (25) हैं। सभी अलीगढ़ ज़िले के अलग-अलग गाँवों में रहते हैं। बंती अत्री पलार गाँव के, खुशदिल और उपेंद्र कुमार दोनों कसेरू गाँव के निवासी हैं।

सिर्फ ₹15 की लागत

पुलिस के अनुसार, ये लोग केवल ₹15 खर्च करके 100 रुपये का नकली नोट बनाते थे। उन्होंने असली नोटों को स्कैन किया और उसी सीरियल नंबर के साथ नकली नोट छापे। वास्तविक नोटों को नकली नोटों के ऊपर और नीचे रखकर उन्हें कनारा बैंक की पर्चियों से बाँध देते थे।

इससे पूरा बंडल असली लगता था। आरोपियों ने इंस्टाग्राम रील्स देखकर यह तरीका सीखा था। सिर्फ तीन महीने में ही उन्होंने यह गैरकानूनी काम शुरू किया था।

क्या मिला पुलिस को

पुलिस ने 2,549 नकली नोट बरामद किए। इनका कुल मूल्य ₹2,54,900 था। सभी नकली नोटों पर एक जैसा सीरियल नंबर छपा था। प्रिंटर, नोट काटने की मशीन, स्कॉर्पियो वाहन और चार मोबाइल फोन भी पुलिस ने ज़ब्त किए।

ईकोटेक-1 थाने में इन तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास पहले से ही ऐसे मामलों का आपराधिक रिकॉर्ड था।