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मोदी बोले, ग्लोबल चिप कंपनियों के लिए तैयार है भारत

दिल्ली में सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस में पीएम ने कमर्शियल प्रोडक्शन वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या पांच होने का ऐलान किया

दिल्ली में सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच और उपस्थित प्रतिनिधि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत में बने चिप अब देश के साथ-साथ दुनियाभर के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को निवेश के लिए भारत को तैयार बताया।

कॉन्फ्रेंस से पहले बुधवार को मोदी ने भारतीय और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस कार्यक्रम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, सीजी पावर, एडवांटेस्ट, एप्लाइड मैटेरियल्स, एएसएमएल, फॉक्सकॉन, इंटेल और माइक्रोन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

भरोसेमंद सप्लाई चेन की जरूरत पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने कई चुनौतियां हैं और इस क्षेत्र को नई, भरोसेमंद जगहों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब सप्लाई चेन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा हो, तब भरोसेमंद विकल्पों की अहमियत और बढ़ जाती है।

भारत ने 2021 में घरेलू चिप निर्माण की पहल शुरू की थी। इसके बाद सरकार ने कई फैब्रिकेशन, डिजाइन और पैकेजिंग इकाइयों को समर्थन दिया है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि भारत ने इस क्षेत्र में कदम रखने में दशकों की देरी की और वह ताइवान, नीदरलैंड, जापान और चीन से पीछे है।

1 लाख इंजीनियर और AI ट्रेनिंग की योजना

पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए 1,00,000 इंजीनियरों को तैयार करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 1 करोड़ लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत का बड़ा टैलेंट पूल उद्योग जगत के लिए “गोल्डमाइन” है और भारत कामकाज शुरू करने के लिए सुरक्षित जगह है।

जुलाई में भारत ने नया सेमीकंडक्टर कार्यक्रम मंजूर किया था, जिसके तहत घरेलू चिप उत्पादन बढ़ाने के लिए 13 अरब डॉलर से ज्यादा की आर्थिक मदद देने की बात कही गई। ‘सेमीकॉन 2.0’ पहल 2021 के कार्यक्रम को आगे बढ़ाती है और आयातित चिप पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखती है।

पांच प्रोजेक्ट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू

गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने दूर से दो साइट्स पर कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत की। इसके साथ भारत में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर चुके सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की संख्या बढ़कर पांच हो गई।

मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए इतने कम समय में इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं है, क्योंकि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तकनीकी क्षमता विकसित करने में दशकों लग सकते हैं। उनके मुताबिक भारत ने उद्योग की मदद से चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, मटीरियल इकोसिस्टम और टेस्टिंग क्षमता पर एक साथ काम किया है।

भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2023 में 38 अरब डॉलर का था, जो 2024-25 में अनुमानित 45-50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस बाजार को 100-110 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।