संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड-1073 को बुधवार को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई। कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया, लेकिन घायल पायलट की सूझबूझ से 174 यात्रियों की जान बच गई।
यात्रियों में 27 बच्चे भी शामिल थे। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के मुताबिक हमले के दौरान कैप्टन मछार बुरी तरह घायल हो गए, फिर भी उन्होंने हमलावर का सामना किया।
कॉकपिट का दरवाजा बना मददगार
संघर्ष के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खुल गया। इससे कुछ इजरायली यात्री अंदर पहुंच गए और उन्होंने हमलावर को काबू में कर लिया।
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार घायल पायलट ने खुद दरवाजा खोलकर यात्रियों और चालक दल को अंदर आने दिया। इससे यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर पर नियंत्रण पा लिया।
इजरायली न्यूज चैनल आई24न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया कि हमले के बाद विमान 30 सेकंड से भी कम समय में 14,000 फीट से ज्यादा नीचे गिर गया, तभी पहला आपात संकेत दिया गया।
इजरायल ने भेजे लड़ाकू विमान
हाईजैक की आशंका के चलते इजरायल ने अपने लड़ाकू विमान रवाना कर दिए थे। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में आपात लैंडिंग करानी पड़ी।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को विमान को क्रैश कराने की कोशिश बताया। आई24न्यूज के मुताबिक इजरायल इस घटना को आतंकी घटना मानकर जांच कर रहा है।
नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान जारी कर कहा,