विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अदिस अबाबा में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद अली से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत शुभकामनाएँ दीं।
जयशंकर ने भारत-इथियोपिया द्विपक्षीय सहयोग में हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण गति आने की बात कही। दोनों देश साझे विकास आकाँक्षाओं और दक्षिण-दक्षिण एकजुटता के आधार पर एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं।
इस बैठक में व्यापार, निवेश, विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढाँचे समेत कई क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। समुद्री सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और संस्कृति पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों मंत्रियों ने वैश्विक मुद्दों और भारत-अफ्रीकी संघ की साझेदारी पर भी अपने विचार साझा किए।
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग
जयशंकर ने अदिस अबाबा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संस्थान का दौरा किया और कहा कि भारत और इथियोपिया 'सभी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का दृष्टिकोण साझा करते हैं। इससे विकास और समृद्धि आगे बढ़ेगी।
वह इथियोपिया साइंस म्यूजियम भी गए और इसके विज्ञान एवं नवाचार सहयोग में अहम भूमिका निभाने की ओर ध्यान दिलाया।
जयशंकर ने इथियोपिया के विदेश मंत्री गेडियन तिमोथेवोस से भी मुलाकात की। शिक्षा, संस्कृति, व्यापार, निवेश और डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने पर बातचीत हुई।
भारत की अफ्रीकी यात्रा
जयशंकर अफ्रीका की तीन देशों की यात्रा के सिलसिले में गुरुवार को इथियोपिया पहुँचे। इस यात्रा में घाना और कोट डिवायर भी शामिल हैं।
उन्होंने अदिस अबाबा के अदवा स्मारक म्यूजियम में एक समारोह को संबोधित किया। इसमें उन्होंने भारत-अफ्रीकी साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया और कहा कि विश्व संस्थाओं में सुधार जरूरी है।
जयशंकर ने विश्व के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष, कोविड-19 महामारी और वैश्विक संकट के कारण विकासशील देशों के भविष्य पर असर पड़ने की चिंता व्यक्त की। उन्होंने ईंधन, खाद्य, उर्वरक और वित्त के '4F संकट' का उल्लेख किया। भारत और अफ्रीकी देशों को वैश्विक दक्षिण की चिंताओं को जोरदार तरीके से सामने रखने के लिए एक साथ काम करने का आह्वान किया।
जयशंकर ने इथियोपिया की भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रभावी भागीदारी की सराहना भी की।