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मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया कमेंट पर सपा नेता भिड़े, मीनाक्षी चौक पर चले लात-घूंसे; FIR दर्ज

मीनाक्षी चौक पर चाय पीने गए दो सपा नेताओं में पुरानी रंजिश के चलते हाथापाई हुई, पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया

मीनाक्षी चौक पर सड़क किनारे दो गुटों के बीच हाथापाई का दृश्य
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

मुजफ्फरनगर के खालापार थाना क्षेत्र स्थित मीनाक्षी चौक पर समाजवादी पार्टी के दो नेता आपस में भिड़ गए। सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ टिप्पणी को लेकर चली आ रही रंजिश बुधवार को सड़क पर मारपीट में बदल गई।

घटना में सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष नदीम मलिक और सपा अल्पसंख्यक सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष इसरार अल्वी शामिल थे। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार दोनों मंगलवार रात मीनाक्षी चौक के पास एक दुकान पर चाय पीने गए थे।

चाय की दुकान पर शुरू हुई कहासुनी

वहां मौजूद दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इसरार अल्वी अपने साथी इरफान के साथ मौके पर मौजूद था। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर चैटिंग को लेकर पहले से विवाद चल रहा था, इसी वजह से झगड़ा भड़का।

सड़क पर हुई इस मारपीट को किसी राहगीर ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया।

पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, एक गिरफ्तार

नई मंडी के सुभाष नगर निवासी नदीम की तहरीर पर खालापार थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने आरोपी इसरार अल्वी को हिरासत में लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की।

अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया के जरिए पुलिस तक पहुंचा था। उन्होंने बताया कि नदीम की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर इसरार अल्वी के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।

पुलिस के मुताबिक झगड़े के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश मुख्य वजह मानी जा रही है। खालापार थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को थाने ले गई थी।

सपा जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी

पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सार्वजनिक स्थान पर हुई इस मारपीट पर सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने इस घटना को पार्टी के लिए चिंताजनक और अफसोसजनक बताया।

चौधरी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि आपसी विवाद की स्थिति में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के बजाय पार्टी कार्यालय में अपनी बात रखें। आगे की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।