नई दिल्ली/यरुशलम: भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले Israel Independence Day समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। खास बात यह है कि Netanyahu ने PM मोदी को भारतीय पायलट Captain Smit Machchhar के साथ ceremonial torch जलाने के लिए आमंत्रित किया है।
Netanyahu ने 22 अक्टूबर को PM मोदी से फोन पर बातचीत के बाद इस निमंत्रण की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने “मित्र” भारतीय प्रधानमंत्री को इजरायल के Independence Day पर एक बहादुर भारतीय पायलट के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। मोदी ने निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और दोनों देशों के पुराने और मजबूत संबंधों को रेखांकित किया।
मोदी और नेतन्याहू के बीच West Asia पर भी बातचीत
यह निमंत्रण सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। दोनों नेताओं ने फोन पर भारत-इजरायल संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बातचीत का समय भी काफी महत्वपूर्ण है। West Asia में जारी तनाव और संघर्ष के बीच दोनों नेताओं ने क्षेत्र की ताजा स्थिति पर विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने को शांति और स्थिरता बहाल करने का रास्ता बताया।
PM मोदी ने बातचीत के बाद कहा कि दोनों देशों के संबंधों में लगातार गति बनी हुई है और दोनों पक्षों ने अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने West Asia में शांति और स्थिरता की तत्काल आवश्यकता पर भी जोर दिया।
Captain Smit Machchhar क्यों हैं खास?
इस निमंत्रण में भारतीय पायलट Captain Smit Machchhar का नाम सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। Machchhar उस Flydubai विमान के पायलट थे, जिसमें 30 सितंबर को कथित तौर पर cockpit के अंदर एक हिंसक हमला हुआ था।
रिपोर्टों के मुताबिक Dubai से Tel Aviv जा रही Flydubai flight FZ1073 में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर Captain Machchhar पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद Machchhar ने ऐसी स्थिति पैदा की जिससे cockpit का दरवाजा खुल सका और यात्रियों तथा crew को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान को इसके बाद Saudi Arabia में emergency landing करानी पड़ी और यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
इजरायल ने Captain Machchhar के साहस की जमकर सराहना की है। Netanyahu ने उन्हें पहले India, Israel और दुनिया का hero बताया था। इजरायली राष्ट्रपति Isaac Herzog ने भी उन्हें Presidential Award for Civilian Heroism से सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया है।
Independence Day पर मशाल जलाना क्यों बड़ा सम्मान है?
इजरायल के Independence Day समारोह में ceremonial torch-lighting एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परंपरा है। ऐसे समारोह में मशाल जलाने वालों का चयन विशेष प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
इसी वजह से एक भारतीय प्रधानमंत्री और भारतीय पायलट को इस समारोह से जोड़ना प्रतीकात्मक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह निमंत्रण भारत-इजरायल के बीच सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के मजबूत होते रिश्तों का संकेत भी माना जा रहा है।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि Netanyahu का निमंत्रण अपने आप में अंतिम औपचारिक चयन प्रक्रिया के बराबर नहीं है। The Times of Israel के अनुसार torch-lighting के लिए अंतिम चयन सरकारी प्रक्रिया से होता है और Netanyahu अकेले अंतिम चयन तय नहीं करते।
भारत-इजरायल रिश्तों के लिए क्यों अहम है यह कदम?
भारत और इजरायल के संबंध पिछले वर्षों में रक्षा, सुरक्षा, तकनीक, कृषि, innovation और counter-terrorism cooperation जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुए हैं।
PM मोदी की फरवरी 2026 की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “Special Strategic Partnership for Peace, Innovation and Prosperity” के स्तर तक आगे बढ़ाने की घोषणा की थी। 2017 में PM मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंध Strategic Partnership तक पहुंचे थे।
अब Independence Day समारोह में PM मोदी को आमंत्रित करना इसी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के राजनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व को और बढ़ाता है।
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग का संदेश
Netanyahu के मुताबिक बातचीत के दौरान PM मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल जमीन और हवा दोनों जगह आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ रहे हैं। यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच counter-terrorism cooperation की प्राथमिकता को दर्शाती है।
Captain Machchhar को इस समारोह में शामिल करने का प्रस्ताव भी इसी संदेश से जुड़ा हुआ है। उनके मामले को इजरायल ने आतंकवादी खतरे के सामने साहस और नागरिकों की सुरक्षा के उदाहरण के तौर पर देखा है।
West Asia संकट के बीच बढ़ी कूटनीतिक अहमियत
यह निमंत्रण ऐसे समय आया है जब West Asia में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। भारत लगातार सभी पक्षों से तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील करता रहा है।
ऐसे माहौल में मोदी और Netanyahu की बातचीत में एक तरफ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
अब नजर अगले Independence Day समारोह पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या PM मोदी और Captain Smit Machchhar अगले Israel Independence Day समारोह में एक साथ ceremonial torch जलाएंगे। Netanyahu ने दोनों को निमंत्रण दिया है और मोदी ने इसे स्वीकार करने के लिए धन्यवाद दिया है।
यदि यह कार्यक्रम आगे तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो यह भारत-इजरायल संबंधों के इतिहास में एक बेहद प्रतीकात्मक और हाई-प्रोफाइल क्षण होगा—जहां एक भारतीय प्रधानमंत्री और उस भारतीय पायलट को एक ही मंच पर सम्मान दिया जाएगा, जिन्हें इजरायल आतंकवाद के खिलाफ साहस और सहयोग के प्रतीक के रूप में देख रहा है।