Skip to content
24/7 News Uttar Pradesh
Breaking

सऊदी में फंसे करीब 4,000 भारतीय उमराह यात्री, उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी; MEA ने संभाला मोर्चा

मक्का-मदीना में अटके यात्रियों की वापसी के लिए भारतीय दूतावास और एयरलाइंस के बीच बातचीत तेज, करीब 3,000 यात्रियों की पहले ही हो चुकी वापसी

सऊदी में फंसे करीब 4,000 भारतीय उमराह यात्री, उड़ानें रद्द होने से बढ़ी परेशानी; MEA ने संभाला मोर्चा
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

नई दिल्ली: सऊदी अरब में क्षेत्रीय सुरक्षा हालात के बीच उड़ानों में लगातार हो रही रुकावट का असर भारतीय उमराह यात्रियों पर भी पड़ा है। करीब 4,000 भारतीय उमराह यात्री मक्का और मदीना में फंसे बताए जा रहे हैं। कई यात्रियों की भारत वापसी वाली उड़ानें रद्द या स्थगित होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले को लेकर अब विदेश मंत्रालय (MEA) सक्रिय है और भारतीय दूतावास, जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास, एयरलाइंस तथा टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर प्रभावित यात्रियों की जल्द वापसी की व्यवस्था पर काम कर रहे हैं।

4,000 यात्रियों के फंसने की खबर कैसे सामने आई?

करीब 4,000 भारतीय यात्रियों के मक्का और मदीना में फंसे होने की जानकारी AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से सामने आई। उन्होंने केंद्र सरकार और विमानन नियामक DGCA से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि कई यात्री IndiGo, Akasa Air और Air India के जरिए सऊदी पहुंचे थे, लेकिन वापसी की उड़ानें रद्द होने के कारण वहीं रुक गए।

ओवैसी ने मांग की कि अगर नियमित उड़ानें जल्द शुरू नहीं हो पाती हैं तो एयरलाइंस को बड़े विमानों के संचालन की अनुमति दी जाए या जरूरत पड़ने पर प्रभावित यात्रियों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 4,000 का आंकड़ा प्रभावित/फंसे यात्रियों के संदर्भ में सामने आया है, जबकि MEA ने अलग से बताया है कि लगभग 3,000 प्रभावित उमराह यात्रियों को उपलब्ध उड़ानों के जरिए पिछले सप्ताह भारत वापस लाया जा चुका है।

MEA ने बताया—3,000 यात्री लौट चुके हैं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में करीब 3,000 फंसे हुए भारतीय उमराह यात्री उपलब्ध उड़ानों से सऊदी अरब से भारत लौट चुके हैं। इसके अलावा 10,000 से ज्यादा अन्य उमराह यात्री, जिनकी उड़ानें पहले से निर्धारित थीं, वे भी इसी अवधि में अपने तय कार्यक्रम के अनुसार भारत लौटे हैं।

MEA ने कहा है कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास बाकी प्रभावित यात्रियों की वापसी के लिए संबंधित एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों से लगातार संपर्क में हैं। मंत्रालय के अनुसार अन्य यात्रियों की जल्द वापसी के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा चल रही है।

भारतीय मिशनों ने 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया

यात्रियों की परेशानी को देखते हुए भारतीय मिशनों ने 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं। दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय भारतीय समुदाय के स्वयंसेवकों की मदद से प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

MEA ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी एयरलाइन और ट्रैवल ऑपरेटर के लगातार संपर्क में रहें तथा किसी भी यात्रा से पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर करें।

उड़ानें क्यों प्रभावित हुईं?

सऊदी अरब में हाल के दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव और बुनियादी ढांचे पर हमलों के बाद हवाई सेवाओं पर असर पड़ा है। कुछ भारतीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित या सीमित की हैं।

MEA के अनुसार Air India, Air India Express और IndiGo ने अपनी कुछ सऊदी सेवाएं 24 अक्टूबर तक निलंबित की हैं, जबकि Akasa Air ने रियाद की उड़ानें 27 अक्टूबर तक रोक रखी हैं। दूसरी ओर, कुछ विकल्प अभी भी उपलब्ध हैं और Saudia तथा Flynas जैसी एयरलाइंस के जरिए यात्रा विकल्प बने हुए हैं।

इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ा है जिनकी वापसी की तारीख पहले से तय थी। उमराह यात्रियों के लिए होटल, स्थानीय परिवहन और वापसी टिकट अक्सर टूर ऑपरेटरों के माध्यम से तय होते हैं। उड़ान रद्द होने पर इन सभी व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ता है।

सुरक्षा हालात के बीच बढ़ी चिंता

भारतीय यात्रियों की वापसी का मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सऊदी अरब के कुछ हिस्सों में सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल ही में डम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य भारतीय नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई थी।

भारत सरकार ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर हो रहे हमलों को गंभीरता से लिया है। ऐसे माहौल में भारतीय मिशनों के लिए यात्रियों की सुरक्षित वापसी और उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराना प्राथमिकता बन गया है।

क्या विशेष उड़ानें चलेंगी?

फिलहाल सरकार की ओर से किसी विशेष निकासी उड़ान की अंतिम घोषणा नहीं की गई है। MEA ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों की जल्द वापसी के लिए व्यवस्थाओं पर चर्चा चल रही है।

ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी 4,000 यात्रियों को विशेष विमानों से वापस लाया जाएगा। फिलहाल सरकार का प्रयास उपलब्ध नियमित उड़ानों, वैकल्पिक एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के समन्वय से यात्रियों को वापस लाने का है।

यात्रियों के लिए क्या सलाह?

भारतीय मिशनों ने प्रभावित यात्रियों से एयरलाइन और ट्रैवल एजेंट के संपर्क में बने रहने, उड़ान की स्थिति की दोबारा पुष्टि करने और आधिकारिक सुरक्षा सलाह का पालन करने को कहा है।

सऊदी अरब में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास के 24 घंटे के सहायता केंद्र सक्रिय हैं। MEA ने यात्रियों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी है।

अभी सबसे बड़ा फोकस सुरक्षित वापसी पर

फिलहाल स्थिति यह है कि हजारों भारतीय उमराह यात्रियों की यात्रा योजनाएं उड़ान रद्द होने से प्रभावित हुई हैं, लेकिन भारत सरकार ने उनकी वापसी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 3,000 प्रभावित यात्रियों की वापसी हो चुकी है और बाकी यात्रियों के लिए एयरलाइंस तथा टूर ऑपरेटरों के साथ बातचीत जारी है।

अगले कुछ दिनों में सऊदी अरब के लिए उड़ान संचालन सामान्य होता है या वैकल्पिक व्यवस्था तैयार होती है, इसी पर बाकी यात्रियों की भारत वापसी की गति निर्भर करेगी। इस बीच भारतीय मिशनों की ओर से सहायता और समन्वय जारी है।