उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र स्थित सूथा गांव में एक मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या कर शव जला दिए गए। मृतकों की पहचान गुरु बाबा गोपाल दास (70) और उनके शिष्य बाबा बिहारी दास (60) के रूप में हुई है।
दोनों साधु लंबे समय से गांव के हनुमान मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और देखरेख का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक बुधवार रात जब दोनों अपने-अपने बिस्तर पर सो रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया।
धुआं देखकर पहुंचे ग्रामीण
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने मंदिर की ओर से धुआं उठता देखा। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने पाया कि एक साधु का शव उस समय भी जल रहा था, जबकि दूसरे का शव पूरी तरह जलकर कंकाल में बदल चुका था।
दोनों शवों के बीच करीब 10 मीटर की दूरी बताई जा रही है। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर टीम पहुंची।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर सबूत जुटाए।
जमीन विवाद में गिरफ्तारी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने सूथा गांव के ही सुमित सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में सुमित ने कबूल किया कि उसने पहले दोनों साधुओं पर किसी भारी वस्तु से हमला किया। इसके बाद शवों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, ताकि सबूत मिट जाएं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी सुमित की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। एक अप्रैल 2025 में सूथा गांव के कौशलेंद्र सिंह ने शिकायत दी थी कि उनके घर के सामने खड़ी कार जलाई गई थी, जिसमें भी सुमित का नाम आया था।
जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों साधुओं की हत्या पहले की गई या आग लगने के दौरान ही उनकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है।