संजय यदुवंशी के घर पुलिस दबिश मामले में पीड़ित परिवार आया सामने, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग; शबीब रजा पर हमले का मामला
सुल्तानपुर। अवधी गायक और यूट्यूबर संजय यदुवंशी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब शबीब रजा का परिवार खुलकर सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को जायज बताते हुए शबीब पर कथित हमले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि शबीब रजा को उसके दोस्त के एक्सीडेंट की झूठी सूचना देकर घर से बुलाया गया था। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और गंभीर हालत में उसे मरा हुआ समझकर छोड़ दिया गया।
मामले में शबीब रजा के पिता जफरुल हसन की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी मुकदमे में अवधी गायक एवं यूट्यूबर संजय यदुवंशी वांछित चल रहे हैं। इसी के चलते पुलिस टीम ने उनकी तलाश में उनके घर पर दबिश दी थी।
एक्सीडेंट की झूठी सूचना देकर बुलाने का आरोप
पीड़ित परिवार के मुताबिक, शबीब रजा को फोन के जरिए उसके दोस्त के एक्सीडेंट की सूचना दी गई थी। सूचना मिलने के बाद शबीब मौके पर पहुंचा। परिवार का आरोप है कि वहां पहले से संजय यदुवंशी, शिवा, शादाब समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।
परिवार का दावा है कि मौके पर पहुंचने के बाद शबीब के साथ मारपीट की गई। मारपीट इतनी गंभीर थी कि उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने शबीब को मरा हुआ समझकर छोड़ दिया और बाद में उसे इलाज के लिए ले जाया गया।
पीड़ित परिवार ने मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
शबीब रजा के पिता जफरुल हसन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, मामले में मारपीट और हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मुकदमे की जांच के दौरान संजय यदुवंशी का नाम सामने आया और वह मामले में वांछित चल रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर दबिश दी।
रात में संजय यदुवंशी के घर पहुंची पुलिस
संजय यदुवंशी की तलाश में पुलिस ने 5 और 6 अक्टूबर की रात अघरपुर गांव स्थित उनके घर पर दबिश दी। बताया गया कि इस कार्रवाई में कोतवाली नगर और दामौर थाने की पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी।
पुलिस के पहुंचने के समय मुख्य दरवाजा बंद था। इसके बाद पुलिस टीम द्वारा दीवार के ऊपर से घर में प्रवेश करने का प्रयास किया गया। इस कार्रवाई का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
पुलिस के मुताबिक, टीम का उद्देश्य दर्ज मुकदमे में वांछित आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी करना था। हालांकि, दबिश के दौरान संजय यदुवंशी घर पर मौजूद नहीं मिले।
दबिश के बाद संजय यदुवंशी ने पुलिस पर लगाए आरोप
पुलिस की दबिश के बाद संजय यदुवंशी की ओर से सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। संजय ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि दामौर थाने के एसएचओ रात करीब 12 बजे शराब के नशे में दीवार पार करके घर में घुसे और गाली-गलौज की।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए यह भी कहा कि यदि संबंधित एसएचओ को निलंबित नहीं किया गया तो वह लखनऊ में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
हालांकि, पुलिस ने संजय यदुवंशी की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। पुलिस का कहना है कि टीम किसी निजी विवाद के चलते नहीं, बल्कि दर्ज मुकदमे में वांछित आरोपी की तलाश में कानूनी कार्रवाई के तहत उनके घर पहुंची थी।
संजय के पिता ने जताई चिंता
दबिश के बाद संजय यदुवंशी के परिवार की ओर से भी पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंता जताई गई। संजय के पिता ने आशंका व्यक्त की कि पुलिस उनके बेटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है और उन्हें मुठभेड़ में नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
इस बीच, पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जांच और दर्ज मुकदमे के आधार पर ही की जाएगी।
पुलिस दबिश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
संजय यदुवंशी के घर हुई पुलिस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। वीडियो में पुलिसकर्मियों को घर में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
एक ओर संजय यदुवंशी और उनके समर्थकों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए, वहीं दूसरी ओर शबीब रजा के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि यदि किसी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और वह गिरफ्तारी से बच रहा है तो पुलिस को कानूनी प्रक्रिया के तहत उसकी तलाश करनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। दबिश का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
इससे मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गया। हालांकि, पुलिस की ओर से लगातार यह कहा गया है कि संजय यदुवंशी के घर दबिश किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि दर्ज मुकदमे में उनकी तलाश के तहत की गई थी।
'पहले सपाई था, अब भाजपाई'—राजनीतिक पहचान पर भी बयान
पूरे विवाद के बीच पीड़ित पक्ष की ओर से राजनीतिक पहचान को लेकर भी बयान सामने आया है। परिवार के एक सदस्य ने कहा कि वह पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े थे, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं।
हालांकि, पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में नहीं है। परिवार का कहना है कि उनकी प्राथमिकता शबीब रजा के साथ हुई कथित घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई है।
परिवार ने की सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
शबीब रजा के परिवार ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। परिवार का कहना है कि शबीब को कथित तौर पर धोखे से बुलाकर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हुई।
परिजनों ने यह भी कहा कि मामले में किसी भी आरोपी को राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस का कहना—कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, शबीब रजा के मामले में मुकदमा दर्ज है और विवेचना जारी है। संजय यदुवंशी को इसी मुकदमे में वांछित बताया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दबिश दी गई थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिले।
फिलहाल इस पूरे मामले में एक तरफ शबीब रजा का परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ संजय यदुवंशी और उनके परिवार की ओर से पुलिस की दबिश और कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
अब मामले की जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि शबीब रजा पर कथित हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और जांच के आधार पर किन आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाती है।