अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन कॉल के दौरान डीजल सप्लाई पर समझौता हुआ है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि यह समझौता अमेरिका और वैश्विक बाजारों दोनों के लिए है।
रूस की सप्लाई का रोडमैप इस तरह है: तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीजल, नवंबर में 5 लाख टन, फिर तुरंत 10 लाख टन, और इसके बाद एक छोटी अवधि में 30 लाख टन डीजल। यह अंतिम खेप रूसी रिफाइनरियों की स्थिति पर निर्भर करेगी।
ट्रेजरी विभाग ने प्रतिबंध में ढील दी
यूएस ट्रेजरी विभाग ने शुक्रवार को रूसी डीजल पर प्रतिबंध में अप्रैल 2027 तक की अस्थायी छूट दी है। यह सामान्य लाइसेंस के माध्यम से रूसी ईंधन को वैश्विक बाजार में आने देगा।
पुतिन ने अपनी ओर से कहा कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर डालेगा। फोन कॉल डेढ़ घंटे तक चला।
यूक्रेन की कड़ी आलोचना
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस समझौते की तीव्र आलोचना की है। जेलेंस्की ने X पर लिखा कि बिना "स्थायी शांति समझौते" के रूस को प्रतिबंध में छूट देना "स्पष्ट कमजोरी" है।
उन्होंने कहा, "पुतिन को तोहफे से शांति नहीं आएगी और न ही सभ्य दुनिया को कोई लाभ। रूस डीजल के बदले में और अधिक आतंक और धोखेबाज़ी करेगा।" जेलेंस्की ने जोर दिया कि रूस के साथ "पारस्परिक आधार पर असली शांति" ज़रूरी है, न कि इस तरह की बातचीत।
डीजल कीमतों में बढ़ोतरी का संकट
वैश्विक डीजल कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले किए हैं, जिससे मॉस्को ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाया। डीजल कृषि, घर के हीटिंग और माल ढुलाई में इस्तेमाल होता है।
ट्रंप नवंबर की मध्यकालीन चुनावों से पहले ईंधन कीमतें कम करने का दबाव झेल रहे हैं। इस साल डीजल कीमतें 70 फीसदी बढ़ी हैं।