यूके के वेस्ट मिडलैंड्स में मेरिडन पार्क में एक निजी समूह ने भारतीय छात्रों को धमकाया। चेल्मस्ले वुड पैट्रियट्स नामक इस समूह ने रात के अंधेरे में छात्रों से उनके आने का कारण पूछा और उन्हें पार्क से दूर रहने का आदेश दिया।
समूह के एक सदस्य ने छात्रों को कहा, "इस बच्चों के पार्क से दूर रहो। यहाँ दोबारा न आना। यह तुम्हारी आखिरी चेतावनी है।" एक छात्र ने बताया कि वह दो साल से यूके में है और मास्टर्स की पढ़ाई कर रहा है।
समूह का दावा
चेल्मस्ले वुड पैट्रियट्स ने दावा किया कि वे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पार्क की निगरानी कर रहे थे। समूह ने फेसबुक पर कहा कि छात्रों ने रात में पार्क में मिलने के बारे में अलग-अलग बहाने दिए।
पुलिस का रुख
वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने स्पष्ट किया कि वह इस तरह की निजी निगरानी को समर्थन नहीं देती है। पुलिस ने कहा कि उसे इस घटना की जानकारी है और वह उचित कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, निरोधक शक्तियाँ केवल कानूनी अधिकार के तहत काम करने वाले अधिकारियों के पास होती हैं।
सामुदायिक प्रतिक्रिया
पूर्व पार्षद और समुदाय के कार्यकर्ता शेष शेषभत्तर ने कहा कि छात्रों को घूमने और मिलने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को केवल उनकी त्वचा के रंग के कारण निशाना बनाया गया होगा।
शेषभत्तर ने आगे कहा कि सच्ची देशभक्ति का मतलब पड़ोसियों को धमकाना नहीं, बल्कि उनके साथ खड़े होना है। उन्होंने कहा कि समूह की कार्रवाई चेल्मस्ले वुड की साख को नुकसान पहुँचा रही है।
भारतीय छात्रों पर असर
यूके में 2024-25 के दौरान 146,000 से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। अगर बाहरी देश में असुरक्षा की खबरें फैलें तो भारतीय छात्र वहाँ जाने से पहले सोच-विचार करेंगे। यूके के लिए भारतीय शिक्षा निर्यात का एक बड़ा स्रोत है।