Skip to content
24/7 News Uttar Pradesh
Breaking

आगरा से पकड़ा गया भोपाल के रिटायर्ड IAS की हत्या का आरोपी, भागने की कोशिश में पैर में लगी गोली

पूर्व IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में करीब एक महीने से फरार केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया। भोपाल लाते समय मुगलिया छाप के पास पुलिस के मुताबिक उसने हिरासत से भागने और पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनने की कोशिश की।

आगरा से पकड़ा गया भोपाल के रिटायर्ड IAS की हत्या का आरोपी, भागने की कोशिश में पैर में लगी गोली
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। करीब एक महीने से फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाया जा रहा था, तभी रास्ते में कथित तौर पर भागने की कोशिश के दौरान पुलिस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई।

पुलिस ने घायल आरोपी को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल, भोपाल में भर्ती कराया है। अब उससे पूछताछ के जरिए हत्या के पीछे की वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।

30 सितंबर को घर में मिला था रिटायर्ड IAS का शव
राकेश अग्रवाल, मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी थे। 30 सितंबर 2026 को भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर स्थित उनके आवास पर उनका शव मिला था। रिपोर्टों के अनुसार, उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था।

हत्या के समय उनकी पत्नी घर के दूसरे कमरे में थीं। सुबह जब उन्हें घटना का पता चला तो पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान घर में सामान बिखरा हुआ मिला और केयरटेकर वरुण कुमार के गायब होने के बाद पुलिस का संदेह उस पर गहराया।

हत्या से तीन दिन पहले ही रखा गया था केयरटेकर
रिपोर्टों के मुताबिक, राकेश अग्रवाल स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे थे और उन्हें देखभाल के लिए सहायक की जरूरत थी। इसी सिलसिले में एक एजेंसी के माध्यम से वरुण कुमार को घटना से करीब तीन दिन पहले केयरटेकर-कम-पुरुष नर्स के रूप में रखा गया था।

हत्या के बाद वरुण फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य स्थानों पर टीमें भेजीं। कई जगहों के CCTV फुटेज खंगाले गए और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

मुगलिया छाप के पास क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, वरुण को आगरा से गिरफ्तार करने के बाद भोपाल लाया जा रहा था। 3 नवंबर की सुबह करीब 4:45 से 5 बजे के बीच मुगलिया छाप गांव के पास पुलिस वाहन रुका। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनने और हिरासत से भागने की कोशिश की।

इस दौरान पुलिस टीम के साथ उसकी झड़प हुई और गोली उसके पैर में लगी। घायल होने के बाद उसे दोबारा काबू में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, घटना के अलग-अलग समाचार विवरणों में गोली चलने की परिस्थितियों का वर्णन थोड़ा अलग है; इसलिए फिलहाल इसे पुलिस का बताया घटनाक्रम मानना उचित होगा।

अब हत्या की वजह और संभावित अन्य कड़ियों की जांच
इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित किया गया था। गिरफ्तारी में देरी को लेकर IAS एसोसिएशन ने भी चिंता जताई थी और जल्द कार्रवाई की मांग की थी।

अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि हत्या के पीछे लूटपाट का मकसद था या कोई अन्य वजह। साथ ही यह भी जांच होगी कि वारदात में किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। ध्यान रहे कि वरुण कुमार फिलहाल हत्या का आरोपी है; दोष साबित होना न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।