ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त पहुंच रहे हैं। मंदिर के आसपास दर्शन के लिए कतारें लग रही हैं और श्रद्धालुओं को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
कार्तिक महीने में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
26 अक्टूबर से कार्तिक मास की शुरुआत के साथ पुरी में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। खासतौर पर हबीष्यालियां यानी कार्तिक व्रत रखने वाली बुजुर्ग महिलाएं भी महीनेभर के धार्मिक अनुष्ठान के लिए पुरी पहुंची हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने करीब 2,400 हबीष्यालियों के लिए निर्धारित आवास केंद्रों में रहने और भोजन की व्यवस्था की है। मंदिर में उनके लिए अलग दर्शन कतार की व्यवस्था भी की गई है।
भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुरी पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां मजबूत की हैं। पुलिसकर्मियों को मंदिर परिसर के भीतर श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने, यातायात नियंत्रित करने और बुजुर्ग महिलाओं की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने मंदिर परिसर और हबीष्याली आवास केंद्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन मिल सकें।
भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखना चुनौती
जगन्नाथ मंदिर में सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि धार्मिक पर्वों और कार्तिक मास में यह संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में कतारों का प्रबंधन, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा तथा मंदिर के आसपास यातायात नियंत्रित रखना प्रशासन के लिए अहम चुनौती है।
इसी जरूरत को देखते हुए ओडिशा सरकार ने IIT भुवनेश्वर की मदद से मंदिर में कतार प्रबंधन की नई व्यवस्था विकसित करने की योजना भी बनाई है। प्रस्तावित व्यवस्था में अलग-अलग दर्शन मार्ग और रैंप शामिल हैं। हालांकि, यह व्यवस्था अभी योजना और परीक्षण के चरण में है; इसे पूरी तरह लागू व्यवस्था नहीं समझना चाहिए।