समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार से चुनावी मोड में आ गए हैं। रायबरेली से समाजवादी रथ यात्रा की शुरुआत हुई, जिसे 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
चुनाव आयोग पर सीधा हमला
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूपी का अगला विधानसभा चुनाव उनकी देखरेख में नहीं होना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कठपुतली की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "चुनावों में बेईमानी हो रही है, आयोग निष्पक्ष नहीं रह गया है।"
उन्होंने आगे कहा कि आयोग लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश में शामिल है। उनके अनुसार भविष्य के चुनाव भी मौजूदा नेतृत्व में नहीं होने चाहिए।
अखिलेश ने दावा किया कि मीडिया खबरों के मुताबिक चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों के खिलाफ दस महीनों में 14 बार नोट लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर बताया।
पुराने आरोप दोहराए
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार में संस्थाएं निष्पक्ष नहीं रह गई हैं। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में कठपुतली बनकर धोखा देना घोर संवैधानिक अपराध है।"
उन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब सपा समर्थक मतदाताओं को जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाया गया था। उनके मुताबिक उपचुनाव में भी वोटों की लूट हुई, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अखिलेश ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां तीन लाख केंद्रीय बल तैनात कर चुनाव प्रभावित किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि यूपी में भी बड़े पैमाने पर बेईमानी की तैयारी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में भी गड़बड़ी पकड़ी थी। सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव कराने वाले अधिकारियों में पीडीए वर्ग से कोई शामिल नहीं है।
अयोध्या के पीड़ितों ने रखी अपनी बात
प्रेस कांफ्रेंस में अयोध्या के कुछ लोगों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। प्रीति चौहान ने बताया कि उनका मकान रात में गिरा दिया गया, जबकि नवंबर में उनकी बेटी की शादी होनी है।
सपना राजपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना नोटिस के आधे घंटे में दुकान खाली करने को कहा गया और उसके बाद दुकान गिरा दी गई। रोहित यादव ने बताया कि उनका घर भी इसी तरह गिराया गया।
मुआवजे और अयोध्या के विकास का वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार कानून और संविधान की परवाह नहीं करती। उन्होंने सरकार से मांग की कि अयोध्या में तोड़े गए मकानों और दुकानों के मालिकों को मुआवजा दिया जाए।
सपा अध्यक्ष ने वादा किया कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर पीड़ितों को भरपूर मुआवजा देकर मदद की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वेटिकन सिटी की तर्ज पर अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर बनाया जाएगा।