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नागालैंड की फिल्म 'आंघ' को टोरंटो फेस्टिवल में बड़ा पुरस्कार, ऑस्कर की राह खुली

थेजा रियो निर्देशित फिल्म को प्लेटफॉर्म प्राइज मिला, अब बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए सीधे क्वालीफाई

टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार समारोह का दृश्य

भारत की फिल्म 'आंघ' ने 2026 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्लेटफॉर्म प्राइज जीत लिया है। नागालैंड की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म को निर्देशक थेजा रियो ने बनाया है। इस जीत के साथ फिल्म अब सीधे ऑस्कर की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए क्वालीफाई कर गई है।

फेस्टिवल के आयोजकों ने रविवार शाम पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की, जिसमें 'आंघ' का नाम शामिल था। जूरी ने फिल्म के बारे में कहा, "प्लेटफॉर्म प्राइज 'आंघ' को जाता है। इसकी ताज़गी भरी नज़र, फिल्मकारी की मजबूती और एक दुनिया के गहरे असरदार चित्रण के लिए। हम फिल्मकार की दृष्टि, दुस्साहस और हिम्मत की सराहना करते हैं।"

ऑस्कर की सीधी राह

इस साल से टीआईएफएफ का प्लेटफॉर्म प्राइज उन छह अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल पुरस्कारों में शामिल हो गया है, जिनसे सीधे ऑस्कर तक का रास्ता मिलता है। इसका मतलब है कि 'आंघ' अब 2027 के ऑस्कर में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म नामांकन के लिए अन्य देशों की एंट्री के साथ मुकाबला करेगी। इस मुकाबले में भारत की ही एक और फिल्म 'गोंधल' भी शामिल है।

फिल्म की कहानी

'आंघ' एक पिता और बेटे की मार्मिक और निजी कहानी है। बेटा धीरे-धीरे मिशन की सुविधाओं की ओर खिंचता चला जाता है। साथ ही फिल्म उस धर्मांतरण प्रक्रिया को भी दिखाती है, जो स्थानीय संस्कृति को पुरातन बताकर पेश करती है।

यह फिल्म नागा फिल्मकार थेजा रियो ने बनाई है और उनकी ही 2021 की पुरस्कार विजेता शॉर्ट फिल्म पर आधारित है। यह फिल्म एक ऐसी संस्कृति को दिखाती है, जो शायद ही कभी पर्दे पर आई हो। कहानी 1960 के दशक में सेट है और लगभग पूरी तरह कोन्याक भाषा में है।

अन्य पुरस्कार विजेता

टोरंटो फेस्टिवल का सबसे बड़ा पुरस्कार, पीपल्स चॉइस अवॉर्ड, स्पेनिश फिल्म 'ला बोला नेग्रा' को मिला। यह फिल्म तीन समलैंगिक पुरुषों की आपस में जुड़ी जिंदगियों की गाथा है। टीआईएफएफ का यह पुरस्कार एकमात्र बड़ा फेस्टिवल पुरस्कार है, जिसे दर्शक वोट करके तय करते हैं, न कि जूरी।

'ला बोला नेग्रा' का निर्देशन लॉस हाविस नाम से मशहूर जोड़ी हावियर एम्ब्रोसी और हावियर काल्वो ने किया है। यह फिल्म पहले कान फिल्म फेस्टिवल में भी हिट रही थी। नेटफ्लिक्स ने इसे कान फेस्टिवल से खरीदा और इसके लिए बड़ा अवॉर्ड कैंपेन शुरू किया है, साथ ही इसे अपनी सबसे लंबी थियेटर रिलीज दी है। यह फिल्म 16 अक्टूबर को थियेटरों में आएगी और 2 दिसंबर से स्ट्रीमिंग पर उपलब्ध होगी।

पीटर फैरेली की कॉमेडी फिल्म 'आई प्ले रॉकी' पहले रनर-अप रही, जो सिल्वेस्टर स्टैलोन की मशहूर फिल्म 'रॉकी' के बनने की कहानी पर आधारित है। सिएन हेडर की फिल्म 'बीइंग ह्यूमन', जो दिव्यांगता अधिकार कार्यकर्ता जूडी ह्यूमन पर आधारित है, दूसरे रनर-अप के रूप में चुनी गई।

फेस्टिवल में इंटरनेशनल फिल्मों के लिए भी पीपल्स चॉइस अवॉर्ड दिया जाता है, जो इस बार 'एल्सिनोर' को मिला। इस फिल्म में एंड्रयू स्कॉट ने स्कॉटिश अभिनेता इयान चार्ल्सन की भूमिका निभाई है, जिन्होंने एड्स से जूझते हुए लंदन में हैमलेट का मंचन किया था। वहीं 85 वर्षीय गायिका पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'डार्लीन लव: आई नो व्हेयर आइव बीन' को डॉक्यूमेंट्री श्रेणी का पीपल्स चॉइस अवॉर्ड मिला।

फेस्टिवल के मिडनाइट मैडनेस सेक्शन का ऑडियंस अवॉर्ड मैथ्यू रैंकिन की फिल्म 'लेडीज एंड जेंटलमेन, ब्रायन मलरोनी' को मिला। यह फिल्म कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री पर बनी एक "गोंज़ो डॉक्यूमेंट्री" बताई गई है।