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चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत बनी मौत का मलबा, 2 की जान गई; 4 घायल, कई और दबे होने की आशंका

पुरानी दिल्ली की गली सितारा में तीन मंजिला इमारत सुबह करीब 9:50 बजे ढह गई। NDRF, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने बचाव अभियान चलाया। शुरुआती जांच में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आए हैं।

चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत बनी मौत का मलबा, 2 की जान गई; 4 घायल, कई और दबे होने की आशंका

सुबह अचानक ढही तीन मंजिला इमारत
दिल्ली के पुराने इलाके चावड़ी बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। गली सितारा, शीश महल में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की सूचना सुबह करीब 9:50 बजे मिली। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और तीसरी मंजिल पर छत का लिंटर डालने का काम किया जा रहा था।

दो लोगों की मौत, चार घायल
बचाव दल ने मलबे से दो लोगों के शव निकाले। हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, दमकल टीमों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया था।

घटना के बाद मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका बनी रही। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई, लेकिन यह संख्या उस समय की प्रारंभिक जानकारी थी—इसे अंतिम पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। मृतकों की पहचान भी शुरुआती रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं थी।

संकरी गलियों में बचाव अभियान बड़ी चुनौती
हादसे के बाद दिल्ली दमकल सेवा की छह यूनिटों को मौके पर लगाया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नगर निगम की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं।

पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों और बचाव उपकरणों को घटनास्थल तक पहुंचाना मुश्किल रहा। अधिकारियों के मुताबिक, मलबा आसपास की इमारतों से सटा हुआ था, जिससे उसे सुरक्षित तरीके से हटाने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। आसपास की कुछ इमारतों में दरारें आने की सूचना के बाद वहां रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

अवैध निर्माण की आशंका, MCD की निगरानी पर सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण की वैधता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से Hindustan Times ने रिपोर्ट किया कि पुलिस ने 15 जून 2026 को ही इस इमारत में कथित अनधिकृत निर्माण की शिकायत MCD को भेजी थी। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने क्या कार्रवाई की थी।

एक MCD अधिकारी के अनुसार, इमारत में निर्माण कार्य करीब 15 दिन पहले रोक दिया गया था। शुरुआती जानकारी में यह भी कहा गया कि छत के नीचे लगे सपोर्ट सिस्टम को हटाने के दौरान ढांचा गिरा। अधिकारियों ने निर्माण सामग्री और तकनीकी प्रक्रिया की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। ये शुरुआती दावे हैं; अंतिम कारण जांच से तय होगा।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच और कार्रवाई के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर दुख जताते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और जूनियर इंजीनियर (JE) को तत्काल निलंबित करने तथा ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी जारी किए गए। प्रशासन ने जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।

अब जांच में किन बातों पर रहेगा जोर?
पुलिस और नगर निगम की जांच में इमारत के निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शा, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तीसरी मंजिल पर चल रहे काम और सुरक्षा नियमों के पालन की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि पहले मिली शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

यह हादसा पुरानी दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने भवनों, अनधिकृत निर्माण और निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।