बलिया के रसड़ा क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में एक 70 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी और बेटी की हत्या के लिए साजिश रची। पुलिस की जांच से यह डरावना सच सामने आया।
65 साल की मानती देवी और उनकी 22 साल की दृष्टिबाधित बेटी गौरी की हत्या 16 सितंबर की शाम को हुई। दोनों के शव 17 सितंबर को मिले। घर के मुखिया रामचीज गुप्ता ने पुलिस को बताया कि अज्ञात लोगों ने दोनों को मार दिया।
पत्नी की हत्या घर में, बेटी का शव खेत में
पुलिस की जांच में सच बदल गया। रामचीज ने ही गांव के चंदन यादव और दिनेश गुप्ता के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार धारदार औजार का इस्तेमाल किया गया।
मानती देवी की हत्या घर के अंदर की गई। उसके बाद गौरी के शव को घर से निकालकर पास के खेत में फेंक दिया गया। आरोपियों ने घर में खून के निशान मिटाने की कोशिश भी की।
सामाजिक शर्मिंदगी थी वजह
पुलिस का दावा है कि मानती देवी मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। उनकी बेटी गौरी न तो देख सकती थीं और न ही बोल सकती थीं। परिवार की इस स्थिति से रामचीज सामाजिक बदनामी को लेकर परेशान था।
इसी वजह से उसने गांव के ही दो लोगों को अपने साथ मिलाया। हालांकि इस मकसद की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत में ही होगी।
तीनों को गिरफ्तार किया गया
सिधागरघाट के पास तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रामचीज गुप्ता के इशारे पर पुलिस को वारदात में इस्तेमाल औजार और खून से सने कपड़े मिले। पुलिस अभी हत्या की पूरी साजिश और तीनों की भूमिका को समझने में लगी है।