बैंक भर्ती में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। CBI की जांच में आइरिस स्कैन जैसी बायोमेट्रिक तकनीक से फर्जी उम्मीदवारों के सुराग निकले हैं।
जांच एजेंसी ने पाया कि कई लोगों ने दूसरों के नामों से परीक्षा दी थी। आइरिस स्कैन से यह साफ हुआ कि दस्तावेज़ों में जो लोग दिखाए गए थे, वे परीक्षा देने नहीं गए थे।
इस घोटाले में कई संदिग्ध उम्मीदवारों की पहचान हुई है। बायोमेट्रिक सबूतों के आधार पर CBI की टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।
बैंकों की भर्ती प्रक्रिया में ऐसे घोटाले पहली बार सामने नहीं आए हैं। लेकिन इस बार बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल करके घोटालेबाज़ों को पकड़ना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।