क्या है पूरा मामला?
हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जिला जेल में बंद कैदी ऋषभ मेहता की 2 नवंबर 2026 को तबीयत बिगड़ गई। जेल अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे उसने सांस लेने में परेशानी और बेचैनी की शिकायत की। पहले उसे जेल के अस्पताल में उपचार दिया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर सेक्टर-10A स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
2019 से हत्या के मामले में जेल में था बंद
पुलिस के मुताबिक, ऋषभ मेहता को सितंबर 2019 में अपने पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप था कि उसने गुरुग्राम के लक्ष्मी गार्डन इलाके में अपने पिता सुशील मेहता पर चाकू से हमला किया था। इस घटना में उसकी मां और भाई भी घायल हुए थे।
मामले में ऋषभ को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वह इस प्रकरण में विचाराधीन बंदी था, यानी उसकी सुनवाई चल रही थी और उसे दोषी ठहराए जाने की अंतिम स्थिति नहीं थी।
जेल प्रशासन ने क्या बताया?
भोंडसी जेल के उप अधीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, ऋषभ पिछले करीब छह वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार और अस्थमा की दवाएं ले रहा था। उसका इलाज जेल के डॉक्टर की निगरानी में चल रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं कहा है कि उसकी मौत निश्चित रूप से इन्हीं बीमारियों के कारण हुई।
पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा मौत का कारण
मौत के बाद मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार, जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर BNSS की धारा 194 के तहत आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
उम्र को लेकर रिपोर्टों में अंतर
इस घटना की खबरों में मृतक की उम्र को लेकर अंतर है। PTI और दैनिक जागरण ने उनकी उम्र 46 वर्ष, जबकि हिंदुस्तान टाइम्स ने 40 वर्ष बताई है। इसलिए आधिकारिक रिकॉर्ड के बिना किसी एक उम्र को अंतिम मानना उचित नहीं होगा।