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7 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, पौने 3 लाख लोग प्रभावित… अब क्या करेगी सरकार?

गंडक नदी के तेज बहाव से छह जिलों में छह तटबंध टूटे, मुख्यमंत्री ने हवाई मार्ग से राहत सामग्री गिराने की तैयारी के निर्देश दिए

बिहार में बाढ़ से घिरे गांव का हवाई दृश्य
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

बिहार के सात जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। पौने तीन लाख लोग बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है।

मुख्यमंत्री समृद्ध चौधरी ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए वायुसेना से मदद मांगी है। सरकार का मुख्य ध्यान फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें भोजन, पानी व दवा देने पर है।

सात जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सुपौल में हालात सबसे गंभीर हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण इन जिलों में राहत पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहां हवाई मार्ग से राहत सामग्री गिराने की तैयारी की जा रही है। स्थिति के अनुसार इस हवाई राहत अभियान का दायरा बढ़ाया भी जा सकता है।

छह तटबंध टूटे, गंडक का तेज बहाव जिम्मेदार

गंडक नदी के तेज बहाव के चलते छह जिलों में छह तटबंध टूट गए हैं। इससे लाखों लोगों के विस्थापित होने का खतरा बढ़ गया है।

कई इलाकों में यह बाढ़ हर साल दोहराई जाने वाली समस्या बन चुकी है। बाढ़ नियंत्रण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हर साल गांव डूबते हैं और घर तबाह होते हैं।

मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री समृद्ध चौधरी ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने राहत और बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। निचले और जलजमाव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव अभियान चलाने को कहा गया।

अधिकारियों ने राहत शिविरों की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई और बचाव इंतजामों की भी समीक्षा की गई।

आगे की तैयारी

सातों जिलों में जलस्तर और सड़क संपर्क की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर हवाई राहत अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा।