बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए आठ दोषियों को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। इनमें उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के पति और बेटे भी शामिल हैं।
साल 2012 में हुए इस हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो के न्यायाधीश शहजाद अली ने संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल उर्फ आशु, निखिल अग्रवाल और अनुज गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाई कोर्ट ने दी राहत
निचली अदालत से सजा मिलने के बाद दोषितों ने हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने सभी आरोपितों की याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत मंजूर कर ली।
इस फैसले से मामले में दोषी ठहराए गए सभी लोगों को फिलहाल राहत मिल गई है। सभी दोषी बिजनौर के रसूखदार और बड़े व्यापारी माने जाते हैं।
महिला आयोग से जुड़ा नाम
दोषियों में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के पति और बेटे का नाम भी शामिल है। दोनों को निचली अदालत ने प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में दोषी करार दिया था।
मामला वर्षों से चर्चा में रहा है, क्योंकि इसमें शहर के प्रतिष्ठित व्यापारिक परिवार के सदस्य आरोपित रहे हैं।