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बिजनौर में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, चार महिलाएँ गिरफ्तार

झूठे दुष्कर्म के मुकदमों में लोगों को फंसाकर समझौते के नाम पर रकम वसूलने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोती महिला आरोपी को पुलिसकर्मी समझाते हुए।
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

बिजनौर पुलिस ने झूठे दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमों में लोगों को फंसाकर समझौते के नाम पर रकम वसूलने वाले हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरफ्तार महिलाओं में से एक अचानक रोने लगी। उसने अपने को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। महिला ने मदद की गुहार भी लगाई। मीडिया के सामने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

कैसे काम करता था गिरोह

एएसपी गौतम राय ने बताया कि गिरोह के सदस्य व्यक्तियों के बीच पुरानी रंजिश और विवाद की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद वे पीड़ितों के खिलाफ दबाव बनाकर समझौते के नाम पर रकम माँगते थे। मांग पूरी नहीं होने पर महिलाओं के माध्यम से गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराने का खतरा दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, नजीबाबाद थाने में मोहम्मद आसिम, साहिल, मुराद खान और नवाब ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र दिए थे। इनमें जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, दिलशाद और अन्य लोगों पर षड्यंत्र कर झूठे दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराने तथा बाद में रकम माँगने के आरोप हैं। पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।

फर्जी दस्तावेज़ और पॉक्सो धाराएं

जांच में यह सामने आया है कि गिरोह की महिलाएं बालिग होने के बावजूद फर्जी आधार कार्ड और मार्कशीट के ज़रिए खुद को नाबालिग दिखाती थीं। इसके बाद पीड़ितों के खिलाफ मुकदमों में पॉक्सो की धाराएं लगवाई जाती थीं।

पुलिस ने गिरफ्तार चारों महिलाओं के कब्जे से 13 फर्जी आधार कार्ड बरामद करने का दावा किया है। इन दस्तावेजों में उम्र से संबंधित जानकारी बदली गई थी। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और इस्तेमाल करने की धाराएं भी जोड़ी हैं।

बदले में मिले पैसे और सहायता

पुलिस की पूछताछ में एक महिला शहाना ने बताया कि उसे झूठे दुष्कर्म के मुकदमे तैयार करने के काम के लिए 50,000 रुपये दिए गए। इसके अलावा उसे मोबाइल फोन, कपड़े और ख़र्च के पैसे भी उपलब्ध कराए गए।

पहले से तैयार की जाती थी कहानी

संयुक्त पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि पहले से ही चिह्नित व्यक्तियों के खिलाफ घटनाक्रम तैयार किया जाता था। तय कहानी के अनुसार घटनास्थल और आरोप तय कर पुलिस को सूचना दी जाती थी। ऐसे मामलों में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट जैसी धाराओं का इस्तेमाल किया जाता था।

कुल 12 आरोपी गिरफ्तार

इससे पहले जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुन्ती, प्रीति, पीएसी जवान मोहम्मद आसिफ, दिलशाद और झालू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब चार महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

पुलिस जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा की संपत्तियों और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है। दिलशाद के होटल संचालन की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस इन संपत्तियों की आय के स्रोत की भी पड़ताल कर रही है।