बिजनौर के शेरकोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में एक पुराने ईंट-भट्ठे के पास पटाखा फैक्ट्री के कचरे में अचानक धमाका हो गया। इस हादसे में घास काटने गए दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए।
झुलसे बच्चों की पहचान रोहित (12) और सागर (16) के रूप में हुई है। यह ईंट-भट्ठा दिया फायर वर्क्स नाम की आतिशबाजी फैक्ट्री से करीब 400 मीटर की दूरी पर स्थित है।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री का वेस्ट मैटेरियल इसी बंद ईंट-भट्ठे के पास फेंका गया था। दोनों भाई जब उस रास्ते से गुजर रहे थे, तभी कचरे में अचानक आग लगी और तेज विस्फोट हो गया।
धमाके की चपेट में आने से दोनों बच्चे बुरी तरह झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और इलाके का निरीक्षण किया।
सीओ अंजनी चतुर्वेदी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया, यह जानकारी आजतक ने दी है।
फोरेंसिक जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि फैक्ट्री का वेस्ट मैटेरियल भट्ठे के पास किसने और कब फेंका था। कचरे में मौजूद सामग्री और उसमें आग लगने की सही वजह की भी जांच चल रही है।
फैक्ट्री पर पहले भी हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक इस फैक्ट्री से जुड़े मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद अंसारी को एक अलग मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके खिलाफ हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में विस्फोटक अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान इस फैक्ट्री में क्षमता से कहीं अधिक बारूद मिला था, जिसके बाद इसे हाल ही में सील किया गया था।
13 सितंबर को हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के चौकपुरी गांव स्थित बजरंग फायर वर्क्स में भी पुलिस, राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग और फील्ड यूनिट की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में लाइसेंस से अधिक विस्फोटक सामग्री और तैयार सुतली बम बरामद हुए थे।
पुलिस के अनुसार तब 130 किलोग्राम एल्युमीनियम पाउडर, 559 किलोग्राम गंधक और 548 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट के साथ करीब 39 क्विंटल 59 किलोग्राम तैयार सुतली बम बरामद किए गए थे। फैक्ट्री में कारतूस से जुड़ी सामग्री मिलने की भी जानकारी सामने आई थी।
आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कचरा खुले में क्यों और कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कचरे में विस्फोटक अवशेष किस तरह मौजूद थे।
पुलिस और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय होगी।