19 लाख से अधिक परिवारों को शून्य बिजली बिल का लाभ
देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम परिवारों का बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का असर अब दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 18.93 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के बाद कम-से-कम एक महीने या बिलिंग अवधि में शून्य बिजली बिल दर्ज कराया।
यह आंकड़ा जुलाई 2026 के सरकारी आंकड़ों पर आधारित है। इसे इस योजना से मिलने वाली आर्थिक राहत के महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
48 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंची योजना
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई 2026 तक योजना के अंतर्गत देशभर में लगभग 39.72 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे। इनसे करीब 48.02 लाख परिवारों को लाभ मिला।
इसके बाद 4 अगस्त 2026 को जारी मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या 50.06 लाख से अधिक हो चुकी थी। उसी समय करीब 19 लाख परिवार शून्य बिजली बिल की सुविधा दर्ज करा रहे थे।
कैसे काम करती है PM सूर्य घर योजना?
इस योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश के एक करोड़ आवासीय परिवारों की छतों पर सोलर पैनल लगवाना है। इसके लिए केंद्र सरकार पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध कराती है।
योजना का कुल वित्तीय परिव्यय ₹75,021 करोड़ निर्धारित किया गया है। इच्छुक उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वेंडर से सोलर सिस्टम लगवाया जाता है और पात्रता के आधार पर सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
क्या हर परिवार का बिजली बिल शून्य हो जाएगा?
इस योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। सोलर पैनल लगने का अर्थ यह नहीं है कि हर परिवार का बिजली बिल अपने-आप शून्य हो जाएगा।
बिजली बिल इस बात पर निर्भर करता है कि घर में कितनी बिजली इस्तेमाल होती है और सोलर सिस्टम कितनी बिजली पैदा करता है। मंत्रालय के अनुसार, शून्य बिल का आंकड़ा उन उपभोक्ताओं का है जिन्होंने किसी एक बिलिंग अवधि में यह स्थिति हासिल की। इसलिए हर महीने शून्य बिल की गारंटी नहीं है।
अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का भी अवसर
योजना का एक और फायदा यह है कि घरों में जरूरत से अधिक बनने वाली सौर बिजली को निर्धारित व्यवस्था के तहत ग्रिड में भेजा जा सकता है। मंत्रालय की 4 अगस्त की विज्ञप्ति के अनुसार, 12 लाख से अधिक परिवारों ने अतिरिक्त बिजली बेचकर वित्त वर्ष 2024-25 में कुल ₹421 करोड़ की कमाई की थी।
आगे क्या है सरकार का लक्ष्य?
केंद्र सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ आवासीय परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ना है। इसके लिए सब्सिडी, बैंक ऋण, ऑनलाइन आवेदन और राज्यों के बिजली वितरण निगमों के साथ समन्वय के माध्यम से योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
यदि योजना की रफ्तार इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले समय में अधिक परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिल सकती है और देश में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग भी बढ़ेगा।