दिल्ली की कैबिनेट ने मंगलवार को नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने इसके तहत अगले पाँच साल में ₹1,000 करोड़ देने का फैसला किया है।
यह पैसा 'मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना' के तहत दिया जाएगा। इस नीति को 10 साल के लिए बनाया गया है और इसका मकसद दिल्ली को साफ, तकनीकी आधार वाला औद्योगिक केंद्र बनाना है।
10 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता
सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, शहरी लॉजिस्टिक्स, अपशिष्ट प्रबंधन, सटीक विनिर्माण समेत 10 क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग आर्थिक मदद दी जाएगी।
डेटा सेंटर, अनुसंधान और विकास, स्वास्थ्य और कल्याण सेवाओं में निवेश के लिए कंपनियों को ₹10 करोड़ तक की मदद मिलेगी। महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को यह राशि ₹12 करोड़ तक बढ़ाई गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेष सहायता
स्वास्थ्य सेवा में पूंजी निवेश के लिए सामान्य स्थिति में ₹10 करोड़ की मदद दी जाएगी। लेकिन जो अस्पताल कम से कम 1,000 बिस्तरों वाले हैं, उन्हें ₹100 करोड़ तक की सहायता मिल सकती है।
छोटे उद्यमों (एमएसएमई) को तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए ₹5 करोड़ दिए जाएंगे। महिलाएँ चलाने वाले छोटे उद्यमों के लिए यह राशि ₹7 करोड़ हो जाएगी।
एक छत के नीचे सभी सुविधाएँ
'इन्वेस्ट दिल्ली' नाम की एजेंसी निवेशकों को सभी काम करने में मदद देगी। जमीन ढूँढना, अनुमति लेना, पैसा देना और शिकायत सुनना—सब कुछ यह एजेंसी करेगी।
दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल के जरिए अनुमति पाने की प्रक्रिया तेज़, आसान और पारदर्शी बनाई गई है। महिलाओं को काम पर रखने वाली कंपनियों को भी विशेष भर्ती प्रोत्साहन मिलेगा।