धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग हादसे से हड़कंप
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला में पैराग्लाइडिंग के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 47 वर्षीय बुल्गारियाई पायलट मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको की मौत हो गई। हादसा खनियारा-योल क्षेत्र में राइजिंग स्टार पीक के पास हुआ, जहां दोनों विदेशी पायलटों ने बीड़-बिलिंग से सोलो पैराग्लाइडिंग उड़ान शुरू की थी।
हादसे में उनके साथ उड़ान भर रहे 63 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक स्टीफन एंटनी पर्डी को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने रविवार को बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी और दोपहर करीब 3 बजे से 3:30 बजे के बीच हादसे की सूचना मिली।
तेज हवाओं के बीच बिगड़ा उड़ान का संतुलन
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे के पीछे तेज हवा और हवा के दबाव की भूमिका सामने आ रही है। हालांकि अधिकारियों ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है और पूरे मामले की जांच जारी है।
रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान मौसम और हवा की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। इसी दौरान मैक्सिम का पैराग्लाइडर नियंत्रण से बाहर हुआ और वह पहाड़ी क्षेत्र में जा गिरे। हादसे की सही परिस्थितियों का पता पुलिस की जांच और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर लगाया जाएगा।
ब्रिटिश पायलट ने दी लोकेशन की जानकारी
हादसे के बाद स्टीफन एंटनी पर्डी ने रेस्क्यू टीम तक अपनी लोकेशन पहुंचाने में मदद की। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को घटना की जानकारी मिली और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटनास्थल तक पहुंचना आसान नहीं था। पहाड़ी भूभाग, अंधेरा और बदलता मौसम रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बने। इसके बावजूद पुलिस, State Disaster Response Force (SDRF) और स्थानीय Him Sansar Rescue Team ने मिलकर अभियान चलाया।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार रात करीब 9 बजे बचाव दल घटनास्थल की ओर रवाना हुआ। इसके बाद दुर्गम इलाके में रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे रेस्क्यू और रिकवरी ऑपरेशन पूरा हुआ। इस दौरान बचाव दल ने मैक्सिम को मृत पाया, जबकि ब्रिटिश पायलट स्टीफन पर्डी को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्हें आवश्यक सहायता दी गई और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस के अनुसार, मृतक मैक्सिम गैवरिलिचेंको का शव धर्मशाला स्थित जोनल अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
पुलिस ने बताया कि मैक्सिम 7 अक्टूबर को पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
बीड़-बिलिंग से उड़ानों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब कांगड़ा क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग सुरक्षा को लेकर पहले से चर्चा चल रही है। बीड़-बिलिंग दुनिया के चर्चित पैराग्लाइडिंग स्थलों में शामिल है और यहां देश-विदेश से पायलट पहुंचते हैं।
हाल की घटनाओं में खराब मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे पैराग्लाइडरों के रेस्क्यू ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रिया और पोलैंड के दो विदेशी पैराग्लाइडरों को भी हाल में धौलाधार क्षेत्र से चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद सुरक्षित निकाला गया था।
प्रशासन ने सोलो पैराग्लाइडिंग पर अस्थायी रोक लगाई
बुल्गारियाई पायलट की मौत के बाद कांगड़ा जिला प्रशासन ने बीड़-बिलिंग में सोलो पैराग्लाइडिंग पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। रिपोर्टों के अनुसार यह रोक 28 अक्टूबर तक लागू की गई है।
इस कदम का उद्देश्य मौसम और सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा करना तथा आगे होने वाली उड़ानों में जोखिम को कम करना बताया जा रहा है।
अब जांच में किन पहलुओं पर नजर?
जांच में मुख्य रूप से मौसम और हवा की स्थिति, उड़ान के दौरान पैराग्लाइडर का नियंत्रण, पायलटों की लोकेशन और दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों को देखा जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने तेज हवा को संभावित कारण बताया है, लेकिन इसे दुर्घटना का अंतिम कारण नहीं कहा गया है। इसलिए हादसे की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियों में मौसम की स्थिति और उड़ान सुरक्षा नियमों का पालन कितना महत्वपूर्ण है। खासकर तेज हवा और तेजी से बदलते मौसम के दौरान उड़ान को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।