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दिल्ली में अक्टूबर की ठंड ने 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, पारा 20.7°C पर पहुंचा; बारिश से हवा भी हुई साफ

लगातार बारिश और घने बादलों के कारण 30 अक्टूबर को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 10.3 डिग्री नीचे चला गया। सफदरजंग में 1951 के बाद अक्टूबर का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। बारिश के बीच AQI गिरकर 60 पर पहुंच गया।

दिल्ली में अक्टूबर की ठंड ने 75 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, पारा 20.7°C पर पहुंचा; बारिश से हवा भी हुई साफ
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

अक्टूबर के आखिरी दिनों में दिल्ली में सर्दी का एहसास
देश की राजधानी दिल्ली में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। लगातार बारिश, ठंडी हवाओं और आसमान में छाए घने बादलों ने तापमान में बड़ी गिरावट ला दी। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान सिर्फ 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, यह 1951 के बाद अक्टूबर महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान है। यानी करीब 75 साल में अक्टूबर के किसी दिन राजधानी का अधिकतम तापमान इतना नीचे नहीं गया था।

सामान्य से 10.3 डिग्री नीचे पहुंचा पारा
दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्रों पर तापमान में असामान्य गिरावट दर्ज की गई।
मौसम केंद्र अधिकतम तापमान
सफदरजंग 20.7°C
पालम 20.5°C
लोधी रोड 20.6°C
रिज 20.8°C
आया नगर 20.4°C

सफदरजंग में दर्ज अधिकतम तापमान सामान्य से 10.3 डिग्री कम रहा। वहीं पालम में तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से धूप नहीं निकल सकी, जिसके कारण दिन का तापमान तेजी से नीचे चला गया।

61.4 मिमी बारिश ने भी बनाया रिकॉर्ड
तापमान में गिरावट के साथ दिल्ली में बारिश ने भी अक्टूबर का रिकॉर्ड बनाया। IMD के अनुसार, 30 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग केंद्र पर 61.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

यह अक्टूबर में चार साल की सबसे अधिक एकदिनी बारिश रही। साथ ही 1951 के बाद अक्टूबर महीने में 24 घंटे के दौरान दर्ज छठी सबसे अधिक बारिश भी थी। इससे पहले 9 अक्टूबर 2022 को सफदरजंग में 74 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में भी सुधार
बारिश का असर केवल तापमान पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली की हवा पर भी दिखाई दिया। शुक्रवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 60 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है।

यह अक्टूबर में 10 अक्टूबर 2022 के बाद सबसे कम दैनिक AQI था। वहीं, अक्टूबर 2026 का औसत AQI 167 रहा, जो 2015 के बाद इस महीने का सबसे कम औसत स्तर बताया गया है। बारिश के कारण हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों में अस्थायी कमी आई।

मौसम में बदलाव की वजह क्या रही?
मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद बने मौसमी सिस्टम की भूमिका बताई गई है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बादल छाए रहे।

लगातार बादल रहने से सूर्य की गर्मी जमीन तक कम पहुंची और दिन का अधिकतम तापमान तेजी से नीचे गिर गया।

क्या अब दिल्ली में बढ़ेगी ठंड?
IMD के 31 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने और अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना थी। 1 नवंबर को अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान दिया गया था।

इससे संकेत मिलता है कि 30 अक्टूबर की असामान्य ठंड के बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए एक दिन की रिकॉर्ड गिरावट को सर्दियों की स्थायी शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी।

दिल्ली-NCR के लोगों को मिली दोहरी राहत
लगातार बारिश से जहां लोगों को अक्टूबर में ही सर्द मौसम का अनुभव हुआ, वहीं प्रदूषण से भी कुछ समय के लिए राहत मिली। हालांकि, मौसम साफ होने और हवा की गति कम होने पर प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा और तापमान दोनों पर नजर बनी रहेगी।