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दिवाली से पहले अहमदाबाद में बड़ी पुलिस कार्रवाई, 61 संदिग्ध विदेशी नागरिक हिरासत में

क्राइम ब्रांच ने शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में ज्यादातर बांग्लादेश मूल के हैं; पहचान, नागरिकता और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।

दिवाली से पहले अहमदाबाद में बड़ी पुलिस कार्रवाई, 61 संदिग्ध विदेशी नागरिक हिरासत में
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

क्या है पूरा मामला?
गुजरात के अहमदाबाद में दिवाली से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए क्राइम ब्रांच ने कथित अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 2 नवंबर 2026 को पुलिस ने जानकारी दी कि शहर के अलग-अलग इलाकों से कुल 61 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि इनमें अधिकांश बांग्लादेशी नागरिक हैं।

यह कार्रवाई शहर के कई क्षेत्रों में खुफिया सूचनाओं और पुलिस की निगरानी के आधार पर की गई। अभियान का उद्देश्य ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान करना बताया गया, जिनके पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं हैं।

किन इलाकों में हुई छापेमारी?
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने दानिलिमड़ा, पीराणा, जमालपुर, नरोडा और निकोल सहित अहमदाबाद के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की। वहीं अन्य स्थानीय रिपोर्टों में नारोल, ओढव और वटवा का भी उल्लेख है। अलग-अलग रिपोर्टों में बताए गए स्थानों को एक ही आधिकारिक सूची मानना उचित नहीं होगा।

करीब 100 लोगों की जांच के बाद 61 हिरासत में
क्राइम ब्रांच के ACP एस.एस. निनामा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, अभियान के दौरान करीब 100 संदिग्ध लोगों को शुरुआती जांच के लिए पकड़ा गया था। दस्तावेजों और पहचान की जांच के बाद 61 लोगों को हिरासत में रखा गया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में कई दिहाड़ी मजदूरी, राजमिस्त्री और घरेलू काम से जुड़े थे। कुछ महिलाओं के स्पा व्यवसाय में काम करने की बात भी रिपोर्ट हुई है। ये विवरण पुलिस के शुरुआती बयानों पर आधारित हैं।

दस्तावेजों और नागरिकता की जांच जारी
पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों के पहचान-पत्र, नागरिकता, यात्रा संबंधी कागजात और भारत में रहने की अनुमति की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पता लगाया जाएगा कि वे भारत में कब और किस रास्ते से आए तथा अहमदाबाद में कितने समय से रह रहे थे।

फर्जी भारतीय दस्तावेजों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कथित फर्जी भारतीय दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है, जबकि Daijiworld ने ACP के हवाले से बताया कि अब तक हिरासत में लिए गए लोगों के पास से ऐसे दस्तावेज बरामद नहीं हुए थे। इसलिए इस बिंदु पर जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।

अब आगे क्या होगा?
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों को आगे की पूछताछ और सत्यापन के लिए संबंधित जांच केंद्र भेजा जाना है। अधिकारियों ने उनके मूल देश की पुष्टि और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद निर्वासन (Deportation) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है।

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी व्यक्ति को संदिग्ध मानकर हिरासत में लेना और उसकी नागरिकता या अवैध प्रवास की स्थिति कानूनी रूप से साबित होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अंतिम कार्रवाई दस्तावेजों की जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।