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फिरोजाबाद में मरीज की मौत के बाद क्यों बंद रही इमरजेंसी? डॉक्टर-तीमारदार भिड़े

इलाज के दौरान मौत पर भड़के परिजनों और डॉक्टरों के बीच मारपीट, तीन घंटे ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाएं

फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर के बाहर परिजनों और स्टाफ के बीच हंगामे का दृश्य
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

फिरोजाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर में देर रात एक युवक की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। परिजनों और डॉक्टरों के बीच हाथापाई तक हो गई, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल कर दी।

मृतक की पहचान महादेव नगर निवासी 25 वर्षीय मोहन उर्फ मोनू शर्मा के रूप में हुई। वह रुकम पाल का बेटा था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे।

इलाज के दौरान हुई मौत

डॉक्टरों ने रात करीब 10 बजे युवक को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते युवक की जान गई। वहीं अस्पताल स्टाफ ने इसके उलट आरोप लगाया कि परिजनों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों से बदसलूकी की।

दोनों पक्षों में भिड़ंत

आरोप-प्रत्यारोप के बीच परिजनों और डॉक्टरों में झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई।

स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने काम बंद कर दिया। सभी स्टाफ ट्रॉमा सेंटर के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए और हड़ताल का ऐलान कर दिया।

वहीं दूसरी ओर, शोक में डूबे परिजन भी न्याय की मांग को लेकर सड़क पर ही बैठ गए। इस हंगामे के चलते करीब तीन घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं।

आगे की स्थिति

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले को शांत कराने की कोशिश की गई। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।