केंद्र और राज्यों के बीच गुरुवार को दिल्ली में 57वीं GST परिषद की बैठक होगी। इस बैठक में प्रक्रिया सुधार पर विचार किया जाएगा, जिसमें टैक्स अधिकारियों की गिरफ़्तारी की शक्तियों को समाप्त करने का एक प्रस्ताव है।
महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश ने GST के तहत गिरफ़्तारी की शक्तियों को समाप्त करने के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है। ये राज्य विभिन्न बैठकों में टैक्स अधिकारियों की शक्तियों में किसी भी बड़े कटौती के खिलाफ़ हैं।
केंद्र सरकार ने करीब नौ महीने तक राज्यों के साथ परामर्श किए हैं। इन सुधारों के तहत मुकदमे की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।
किसी भी गिरफ़्तारी के लिए न्यायालय की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। इससे टैक्स अधिकारियों की स्वतंत्र गिरफ़्तारी की शक्ति समाप्त हो जाएगी।
सरकार को विश्वास है कि प्रणाली अब अनियमितताओं को ज़्यादा प्रभावी तरीक़े से पकड़ सकती है। 2017 में जो सुरक्षा उपाय बनाए गए थे, उन्हें अब शिथिल किया जा सकता है।
नौ अपराधों को पूरी तरह और एक को आंशिक रूप से अपराध की श्रेणी से हटाने की योजना है। 24 अपराधों में जुर्माने को कम किया जा सकता है, जबकि 11 को यथावत रखा जा सकता है।
न्यूनतम जेल की अवधि भी समाप्त की जा सकती है। सभी मामलों में जुर्माने को विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
इनपुट टैक्स क्रेडिट को बढ़ाना और रिफ़ंड की प्रक्रिया को तेज़ करना भी इस बैठक के एजेंडे में शामिल है।