NITI Aayog ने 14 अक्टूबर को डेटा सेंटर मूल्यांकन ढाँचा जारी किया। यह ढाँचा राज्यों को नए डेटा सेंटर की परियोजनाओं का आकलन करने में मदद देगा।
नीति आयोग ने एक समान मानदंड बनाया है जिसे सभी राज्य उपयोग कर सकते हैं। इससे वे केवल निवेश को नहीं, बल्कि परियोजना की दीर्घकालीन टिकाऊपन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान को भी देखेंगे।
NITI Aayog की विशिष्ट साथी देबजनी घोष ने कहा कि राज्यों को डेटा सेंटर की परियोजनाओं का मूल्यांकन करते समय केवल आकर्षित होने वाले निवेश पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, "दीर्घकालीन स्थायित्व और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान भी महत्वपूर्ण है।"
राज्य अब बेहतर निर्णय ले सकेंगे
नई व्यवस्था से राज्य शुरुआत में ही बुनियादी ढाँचे की कमी पहचान सकेंगे। वे विभिन्न परियोजनाओं की तुलना एक समान आधार पर कर सकेंगे।
राज्य अब अपनी प्रोत्साहन योजनाओं को मापे जाने वाले परिणामों से जोड़ सकेंगे। इनमें स्थानीय उद्योग की भागीदारी, कुशलता, नवाचार और संसाधनों का टिकाऊ उपयोग शामिल हैं।
वैश्विक निवेश का सुनहरा मौका
आने वाले कुछ वर्षों में AI से जुड़े डेटा सेंटर में विश्व भर में 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक निवेश की उम्मीद है। भारत इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा पा सकता है।
भारत को इस बढ़ती माँग के लिए पहले से तैयारी करनी होगी। सरकार को यह सुनिश्चित करना है कि पर्याप्त बिजली, पानी और कुशल कर्मचारी उपलब्ध हों।