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बस अग्निकांड: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, ड्राइवर ने गंध को नजरअंदाज किया

परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने बताया, ड्राइवर का लाइसेंस रद्द, PM और CM ने मुआवजे का ऐलान किया

यमुना एक्सप्रेसवे पर जली हुई बस के पास पुलिस और राहत दल
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही बस में भीषण आग लगने से एक महिला समेत 9 यात्रियों की मौत हो गई। यूपी के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने इस हादसे को बेहद दुखद बताया।

मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रारंभिक जांच में बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि बस के पास नेशनल परमिट था और वह दिल्ली से महोबा जा रही थी।

बस का पंजीकरण बिहार में, प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा का

दया शंकर सिंह के मुताबिक बस बिहार में पंजीकृत थी, जबकि उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा में बनाया गया था। बस के मालिक का पता कानपुर का बताया गया है।

ड्राइवर ने गंध को गंभीरता से नहीं लिया

मंत्री ने बताया कि यात्रियों ने रास्ते में बस में जलने जैसी गंध आने की सूचना दी थी। आरोप है कि ड्राइवर ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।

इमरजेंसी गेट न खुल पाने की वजह से यात्रियों को बाहर निकलने में मुश्किल हुई, जिसके कारण कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। मंत्री ने बताया कि ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

PM मोदी और CM योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय के संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई गई।

PMNRF से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर संवेदना जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और परिजनों को हरसंभव मदद देने के निर्देश दिए।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की परिस्थितियों को लेकर जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।