गुरुग्राम में रोड रेज की एक बेहद डरावनी घटना सामने आई है। यहां एक काले रंग की Mahindra Scorpio के चालक ने Swiggy डिलीवरी राइडर को कथित तौर पर कई बार गाड़ी से कुचल दिया। इस हमले में राइडर को गंभीर चोटें आईं। पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया।
यह घटना 18 जनवरी 2026 की रात गुरुग्राम के हयातपुर गांव, सेक्टर-93 के पास एक Swiggy पिकअप पॉइंट पर हुई थी।
पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, 43 वर्षीय डिलीवरी राइडर टिंकू ने अपनी बाइक Swiggy स्टोर के बाहर खड़ी की थी। इसी दौरान वहां काले रंग की Scorpio लेकर पहुंचे आरोपी की गाड़ी बाइक से टकरा गई।
इसके बाद टिंकू और आरोपी के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चालक ने गाड़ी वापस मोड़ी और डिलीवरी राइडर की तरफ तेजी से बढ़ा दी।
CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात
घटना के CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि Scorpio पहले बाइक को टक्कर मारती है और वहां से निकल जाती है। कुछ देर बाद गाड़ी दोबारा लौटती है और वहां मौजूद डिलीवरी कर्मचारियों की तरफ बढ़ती है।
आरोप है कि चालक ने टिंकू को गाड़ी से टक्कर मारने के बाद वाहन पीछे किया और फिर आगे बढ़ाकर उसे दोबारा कुचल दिया। वहां मौजूद दूसरे डिलीवरी राइडर्स ने भी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।
कौन है आरोपी?
पुलिस ने आरोपी की पहचान नवीन यादव (41) के रूप में की। रिपोर्टों के मुताबिक, वह सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में आयुर्वेदिक चिकित्सक के पद पर कार्यरत था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे अपने घर के पास डिलीवरी एजेंटों की बाइक खड़ी होने से परेशानी थी। इसी नाराजगी को विवाद की वजह बताया गया है।
पुलिस ने किया गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और वाहन की जानकारी के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया। उसकी Scorpio भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, यानी हत्या के प्रयास समेत गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। घटना के बाद डिलीवरी कर्मचारियों ने पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था।
गंभीर रूप से घायल हुआ डिलीवरी राइडर
घायल टिंकू को पहले गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। बाद में हालत गंभीर होने के कारण परिवार उसे रेवाड़ी के निजी अस्पताल में ले गया। रिपोर्टों के अनुसार, उसके सिर, सीने और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं तथा पैर में कई फ्रैक्चर होने की बात भी सामने आई।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि सड़क पर मामूली विवाद आखिर कैसे किसी की जान के लिए खतरा बन सकता है। रोजी-रोटी के लिए सड़कों पर काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है।