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होर्मुज में भारतीय नाविकों की जान पर आया खतरा! 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर चिपकाए गए चुंबकीय बम, इंजन रूम में लगी आग

ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT Louise 1 को कथित तौर पर दो लिम्पेट माइंस से निशाना बनाया गया। जहाज पर 27 भारतीय नाविक सवार थे। धमाके के बाद इंजन रूम में आग लग गई, लेकिन चालक दल ने आग पर काबू पा लिया। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सभी 27 भारतीयों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है।

होर्मुज में भारतीय नाविकों की जान पर आया खतरा! 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर चिपकाए गए चुंबकीय बम, इंजन रूम में लगी आग
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यहां 27 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे एक तेल टैंकर पर कथित तौर पर चुंबकीय विस्फोटकों यानी लिम्पेट माइंस से हमला किया गया।

हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और कुछ समय के लिए टैंकर की संचालन क्षमता प्रभावित हुई। हालांकि, चालक दल ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद सभी 27 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

27 भारतीयों वाला MT Louise 1 बना निशाना
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले का शिकार हुआ जहाज MT Louise 1 पनामा के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर है।

इस पर कुल 27 भारतीय नाविक सवार थे। घटना 29 अक्टूबर 2026 को ओमान के खासाब क्षेत्र से लगभग 25 समुद्री मील (46 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में हुई।

ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि टैंकर पर हमले के बाद आग लगी थी, लेकिन चालक दल सुरक्षित था और आग बुझा दी गई थीI

छोटी नाव से चिपकाई गईं दो लिम्पेट माइंस
रॉयटर्स की रिपोर्ट में तीन समुद्री सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एक छोटी नाव टैंकर के पास पहुंची और उसके बाहरी हिस्से पर दो लिम्पेट माइंस चिपका दीं।

इन विस्फोटकों में धमाका होने के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। टैंकर कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो गया, लेकिन चालक दल ने आग बुझाने में सफलता हासिल की।

घटना के बाद किसी तेल रिसाव या समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली। आग पर नियंत्रण पाने के बाद जहाज ने अपने अगले बंदरगाह की ओर यात्रा दोबारा शुरू कर दी।

क्या होती हैं लिम्पेट माइंस?
लिम्पेट माइंस विशेष प्रकार के छोटे समुद्री विस्फोटक उपकरण होते हैं, जिन्हें चुंबक या क्लैंप की मदद से जहाज के बाहरी ढांचे पर चिपकाया जाता है।

इनकी कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:
- जहाज के बाहरी हिस्से पर चिपकाए जा सकते हैं।
- चुंबकीय पकड़ के कारण पानी के भीतर भी लगाए जा सकते हैं।
- छोटी नाव या गोताखोरों की मदद से इन्हें लगाया जा सकता है।
- इनमें विस्फोट होने पर जहाज के इंजन रूम और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है।
समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इनका इस्तेमाल व्यस्त समुद्री रास्तों से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दी सुरक्षा की जानकारी
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि MT Louise 1 पर सवार सभी 27 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ संपर्क बनाए हुए है, ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनके कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके।

एक दिन पहले दूसरे टैंकर MT Arzanah पर भी हमला
होर्मुज में भारतीय नागरिकों से जुड़े जहाजों पर यह अकेला हमला नहीं था। इससे एक दिन पहले यानी 29 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े तेल टैंकर MT Arzanah को भी प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी।

इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, वे दोनों भी सुरक्षित हैं।

इस तरह दोनों घटनाओं में प्रभावित जहाजों पर कुल 29 भारतीय नागरिक मौजूद थे और सभी के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है।

हमले के पीछे किसका हाथ? अभी स्पष्ट नहीं
हमले के पीछे किस देश या संगठन का हाथ है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रॉयटर्स के अनुसार, समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने MT Louise 1 पर लिम्पेट माइंस लगाए जाने की जानकारी दी है। UKMTO ने भी घटना और चालक दल की सुरक्षा की पुष्टि की, लेकिन हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

इसलिए फिलहाल किसी देश या संगठन को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

होर्मुज में बढ़ता तनाव, वैश्विक तेल आपूर्ति पर चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्गों में इसकी गिनती होती है।

यहां सुरक्षा संबंधी घटनाओं का असर केवल जहाजों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार, माल ढुलाई और समुद्री बीमा की लागत पर भी पड़ सकता है।

लगातार हमलों की खबरों के बीच भारत के लिए अपने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऊर्जा आपूर्ति के इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नजर बनाए रखना बड़ी चुनौती है।

फिलहाल भारत सरकार दोनों जहाजों से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रही है। सबसे बड़ी राहत यही है कि दोनों घटनाओं में किसी भारतीय नाविक के घायल होने की सूचना नहीं है।