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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, राहुल गांधी पर FIR, इस्तीफे की मांग पर अड़ा INDIA Bloc

दिल्ली में INDIA ब्लॉक का दो दिनी प्रदर्शन, 260 लोगों को हिरासत में लिया गया।

जंतर मंतर में विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन, पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच।
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

विपक्षी INDIA ब्लॉक ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो दिनी प्रदर्शन किया। राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड़रा ने इसका नेतृत्व किया और उनके इस्तीफे की माँग की।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त मतदाता सूची में बदलाव कर रहे हैं और चुनाव व्यवस्था को नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों मतदाताओं को अपने अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

अकाशवाणी भवन पर नाटकीय घटना

6 अक्टूबर को राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड़रा अकाशवाणी भवन पहुँचे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें इसमें घुसने से रोकने की कोशिश की।

राहुल गाँधी को पुलिस ने पकड़ा और उन्हें कंधों पर उठाकर पुलिस बस में डाला। यह दृश्य काफी नाटकीय रहा।

सांगर रत्ना में लंच के दौरान योजना बनी

7 अक्टूबर को राहुल गाँधी ने जनपथ पर बने सांगर रत्ना रेस्तरां में INDIA ब्लॉक के 150 से अधिक सांसदों के साथ लंच किया। इस बैठक में अचानक प्रदर्शन की योजना बनी।

राहुल ने सुझाव दिया कि चूँकि सब लोग वहीं मौजूद हैं, तो जंतर मंतर चलते हैं और वहाँ प्रदर्शन जारी रखते हैं। जनपथ से जंतर मंतर तक की यात्रा में एक घंटे से ज्यादा समय लगा, हालाँकि दूरी सिर्फ 1 किलोमीटर थी।

पुलिस ने सड़कें अवरुद्ध कीं

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जनपथ से जंतर मंतर तक के रास्ते में कई जगहों पर बैरिकेड लगाए। केंद्रीय दिल्ली में भारी सुरक्षा तैनात की गई।

संसद के मकर द्वार से शुरू किए गए मार्च में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने का प्रयास किया।

260 लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस के अनुसार, निर्देशों का पालन न करने के कारण 260 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें 10 सांसद शामिल थे।

राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड़रा और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया। आरोप है कि उन्होंने अकाशवाणी भवन में जबरदस्ती घुस गए।

प्रदर्शन जारी रहेगा

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा कि विपक्ष तब तक प्रदर्शन करता रहेगा, जब तक चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कोई कार्रवाई उन्हें नहीं रोक सकती।

कांग्रेस के राय बरेली सांसद इमरान मसूद ने कहा कि चुनाव आयुक्त ने जनता का विश्वास खो दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की साख को नुकसान हुआ है।

सर्वोच्च न्यायालय मतदाता सूची और फॉर्म 6 से संबंधित याचिकाओं की जाँच कर रहा है। अदालत ने अभी चुनाव आयुक्त के निलंबन का तत्काल आदेश नहीं दिया है।