बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मुख्य आरोपी नंदन यादव के पिता गनौरी यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गनौरी 2003 के एक दोहरे हत्याकांड में वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस टीम जब नंदन यादव को पकड़ने उसके घर पहुंची, तो वहां से उसके पिता गनौरी यादव भी हाथ लग गया। पुलिस का कहना है कि गनौरी 21 साल से गिरफ्तारी से बचता रहा था, हालांकि अन्य मीडिया रिपोर्टों में यह अवधि 23 साल बताई गई है।
2003 का पुराना मामला कैसे खुला
नंदन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके परिवार का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला। पूछताछ और जांच में अफसरों को गनौरी से जुड़ा पुराना केस मिला।
रिकॉर्ड के अनुसार गनौरी 3 अप्रैल 2003 को दर्ज एक दोहरे हत्याकांड में नामजद आरोपी था। उस दिन प्रतापपुर गांव में कारोबारी विवाद के बाद डीपी यादव और पुने यादव नाम के दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। मृतकों की मां ने ही गनौरी का नाम केस में दर्ज कराया था। द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले के बाकी आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके हैं, लेकिन गनौरी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर था।
छेड़छाड़ मामले में एनकाउंटर
पुलिस के अनुसार नंदन यादव पर 10वीं की एक छात्रा के साथ सड़क पर बर्बरता से मारपीट और खुलेआम छेड़छाड़ करने का आरोप है। 19 सितंबर की इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले में आक्रोश फैल गया था।
घटना जमुई की लखीसराय सीमा के पास हुई थी। पीड़िता और उसका दोस्त एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ते बताए जाते हैं, जिन्हें सड़क पर रोककर परेशान किया गया। जमुई एसपी बिस्वजीत दयाल के अनुसार पहले न तो लड़की और न ही उसके दोस्त ने शिकायत दर्ज कराई थी, वीडियो वायरल होने के बाद ही पुलिस हरकत में आई।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया। तीन नाबालिग लड़कों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस टीम नंदन के घर पर छापा मारने पहुंची, जहां उसने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चला दी।
एसपी दयाल ने बताया,