दिल्ली के जंतर मंतर पर गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी, फिर भी बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे। AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को मौके से हिरासत में लिया गया।
भारद्वाज ने खुद सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, "जंतर मंतर से गिरफ्तार।" उन्होंने बताया कि वे मेट्रो से यात्रा कर ऑटो-रिक्शा से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे।
प्रदर्शन स्थल पर कड़ी सुरक्षा
नई दिल्ली ज़िले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई थी। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड और पार्लियामेंट स्ट्रीट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
नई दिल्ली की डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि ज़िले में पाबंदियां लागू हैं। पुलिस ने कहा कि गैर-अनुमोदित प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील लोगों से की गई थी।
आयोजकों की मांग और SIR विवाद
प्रदर्शन का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने किया था। आयोजकों ने निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कुमार से इस्तीफा या महाभियोग की मांग की।
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने बताया कि आयोजकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को इस आयोजन की सूचना पहले ही दे दी थी, जिसमें समय, अनुमानित भीड़ और ज़िम्मेदार लोगों का ब्योरा शामिल था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक करीब 3,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान था, जबकि छात्र संगठनों ने करीब 1,500 लोगों की भागीदारी की बात कही थी।
प्रशांत भूषण ने लोगों से व्यक्तिगत नागरिक के रूप में शामिल होने की अपील की, न कि किसी राजनीतिक दल या संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर। उन्होंने इसे