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कानपुर में सरकारी डॉक्टर ने खुद को गोली मारी, मौत

चप्पल पहनकर कमरे में आने पर पत्नी की टोकाटाकी से शुरू हुए विवाद ने लिया खौफनाक मोड़

रात में डॉक्टर के कमरे में मंदिर के सामने की घटना वाली जगह
प्रतीकात्मक तस्वीर, AI से बनाई गई। यह वास्तविक घटना का चित्रण नहीं है।

कानपुर के निरालानगर स्थित ब्लॉसम अपार्टमेंट में रविवार देर रात सरकारी डॉक्टर संदीप सिंह ने खुद को गोली मार ली। जनरल सर्जन संदीप ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सीने में गोली चलाई, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों के मुताबिक रात करीब 2 बजे घटना हुई। डॉक्टर बाथरूम की चप्पल पहनकर कमरे में आ गए थे, जिस पर पत्नी कंचन ने उन्हें टोक दिया। इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

मंदिर के सामने बैठकर उठाया कदम

बड़े भाई विक्रम ने बताया कि बहस के बाद गुस्सैल स्वभाव के संदीप दूसरे कमरे में चले गए। वहां बने मंदिर के सामने करीब 15 मिनट तक बैठे रहे। इसके बाद उन्होंने रिवॉल्वर उठाई और ट्रिगर दबा दिया।

गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी कंचन कमरे में पहुंचीं। रिवॉल्वर उठाते समय कंचन ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की थी, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। परिजन संदीप को सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने क्या बताया

किदवईनगर थाने के कार्यवाहक प्रभारी नीरज द्विवेदी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मंदिर के सामने खून पड़ा मिला। इससे साफ है कि संदीप ने मंदिर के सामने ही खुद को गोली मारी। पुलिस ने फिलहाल कमरे को सील कर जांच शुरू कर दी है।

प्रेम विवाह, फिर बार-बार विवाद

परिजनों ने बताया कि संदीप ने कंचन से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों लालबंगला के परदेवनपुर स्थित घर में रहते थे। पिता राजबहादुर ने बताया कि दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर अक्सर झगड़ा होता था।

कुछ समय बाद दंपती निरालानगर आकर रहने लगे, जहां भी विवाद थमे नहीं। रविवार रात भी मामूली बात पर टकराव हुआ, जो आखिरी साबित हुआ।

पढ़ाई और नौकरी का सफर

चचेरे भाई ऋषभ सिंह के अनुसार संदीप ने 2006 में देहरादून के जॉली ग्रांट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। 2010 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमएस करने के बाद करीब नौ साल हैलट अस्पताल में सेवाएं दीं। बाद में तबादला कन्नौज और फिर कानपुर देहात हो गया था।

परिवार में पहले भी हो चुकी हैं मौतें

सेना से सूबेदार पद से रिटायर पिता राजबहादुर के चार बेटों में संदीप के अलावा विशाल, विक्रम और राहुल थे। विशाल की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि राहुल की 2016 में नोएडा में हिट एंड रन हादसे में जान गई थी। राजबहादुर ने बताया कि रविवार रात करीब 9:30 बजे संदीप ने फोन पर हालचाल लिया था, तब वह सामान्य लग रहे थे।

परिजनों के मुताबिक संदीप की पहली शादी 2007 में डॉ. कीर्ति सिंह से हुई थी, जो गुस्सैल स्वभाव के चलते 2018 में तलाक में बदल गई। पहली पत्नी से 12 साल का बेटा है, जो कीर्ति के साथ रहता है। 2019 में संदीप ने कासगंज निवासी कंचन से दूसरी शादी की थी, और दोनों के दो बच्चे हैं। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ कर रही है।