नजफगढ़ में पुलिस और संदिग्ध शूटर के बीच मुठभेड़
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में पुलिस और हाशिम बाबा गैंग से जुड़े एक कथित शूटर के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान आरोपी शिवम के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
यह कार्रवाई द्वारका जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने नजफगढ़-गुरुग्राम UER-2 हाईवे के पास की। पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि शिवम किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद टीम ने इलाके में घेराबंदी कर उसे रोकने की कोशिश की।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़?
पुलिस के मुताबिक, जब टीम ने संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया तो उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की।
इस दौरान दोनों तरफ से करीब 7 राउंड गोलियां चलीं। पुलिस की गोली शिवम के पैर में लगी, जिसके बाद वह घायल हो गया। पुलिसकर्मियों ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया और अस्पताल पहुंचाया।
पिस्टल और कारतूस बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल और कारतूस बरामद करने की जानकारी दी है। बरामद हथियार की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास मौजूद हथियार का इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में तो नहीं किया गया था।
हत्या के मामलों में वांछित बताया जा रहा आरोपी
पुलिस के अनुसार, शिवम डाबड़ी थाने में दर्ज हत्या के मामलों में वांछित था। इनमें एक मामला नाबालिग की हत्या से जुड़ा बताया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में 24 अक्टूबर को नजफगढ़ में हुई हत्या और डकैती के मामले में भी उसकी कथित संलिप्तता का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण एक जैसा नहीं है। इसलिए सभी मामलों में उसकी भूमिका को अभी पुलिस के आरोप और जांच के दायरे में ही देखा जाना चाहिए।
हाशिम बाबा गैंग के नेटवर्क की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिवम का हाशिम बाबा गैंग के अन्य सदस्यों से किस तरह का संपर्क था। जांच में उसके संभावित साथियों, हथियारों की सप्लाई और दूसरी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वह किसी नई वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था और उसके साथ इस योजना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस उससे पूछताछ करेगी और बरामद हथियार की फॉरेंसिक जांच कराई जा सकती है। जांच के बाद ही उसके खिलाफ दर्ज मामलों और गैंग के नेटवर्क में उसकी कथित भूमिका को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।