मेरठ जिला अदालत ने बुधवार को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में सजा का ऐलान कर दिया। जिला और सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्र ने राजपूत की पत्नी मुस्कान राष्ट्रोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला को इस निर्मम हत्या के लिए दोषी पाया।
सौरभ एक मर्चेंट नेवी ऑफिसर थे। उन्हें 3 मार्च 2025 की रात को दवा देकर मार दिया गया। उनके शव को एक नीले ड्रम में रखकर मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में उनके घर में छिपा दिया गया।
कैसे सामने आया मामला
सौरभ का भाई बब्लू 18 मार्च को पुलिस के पास गया और बताया कि उसका भाई लापता है। वह संदेह करता था कि उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी ने इस हत्या को अंजाम दिया है। जाँच में पता चला कि दोनों ने पहले शव के टुकड़े करके एक ब्रीफकेस में डाले, लेकिन ब्रीफकेस का हुक टूट गया। इसके बाद उन्होंने शव को पहले एक बिस्तर पर रखा और फिर नीले ड्रम में छिपा दिया।
अन्वेषण अधिकारी इंस्पेक्टर रमाकांत पंचौरी ने बताया कि दोनों अपराधी अपनी ही साजिश से पकड़े गए। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में हत्या का कबूल कर लिया।
लंबी कानूनी कार्यवाही
इस संवेदनशील मामले में कुल 126 सुनवाइयाँ हुईं, जो लगभग 16 महीने तक चलीं। अभियोजन पक्ष ने 22 मुख्य गवाहों की गवाही अदालत में पेश की, जिनके बयानों से अभियुक्तों का दोष साबित हुआ।
न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्र ने इस घटना को