प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने का लक्ष्य दोहराया। 'विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए उन्होंने 'हम कर सकते हैं' का नया नारा दिया।
मोदी ने कहा कि यह लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों और कड़ी मेहनत से हासिल होगा। उन्होंने कहा, "ये लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों और निरंतर कड़ी मेहनत से हासिल होंगे। भारत को चुनौतियाँ हैं, लेकिन हमारे पास 14 करोड़ समाधान भी हैं।"
कई लक्ष्य रखे गए
मोदी ने विकसित भारत के अलावा दूसरे महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी दिए। उन्होंने कहा, "शीर्ष 3 अर्थव्यवस्था—हम कर सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत—हम कर सकते हैं। वैश्विक विनिर्माण केंद्र—हम कर सकते हैं। ओलंपिक की मेजबानी—हम कर सकते हैं। अंतरिक्ष में कदम—हम कर सकते हैं।"
सभा में मौजूद लोगों ने इस नारे को दोहराया। मोदी ने कहा कि यह ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास असाधारण है।
25 साल का मील का पत्थर
यह कार्यक्रम मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। वह 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने यह पद 12 साल 6 महीने तक सँभाला।
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक विभाजन को राष्ट्र के लिए बड़ी चुनौती बताया। वह कहते हैं कि वोटों के लिए राजनीति करने से देश का नुकसान होता है।
मोदी ने कहा कि कोई भी विचलित नहीं कर सकता। उन्होंने जोर दिया कि 14 करोड़ भारतीय इन लक्ष्यों को पाना चाहते हैं। बड़े लक्ष्य रखो और उन्हें हासिल करो, यही उनका संदेश है।